Oplus_131072
पानी की लाइन टेस्टिंग में खुली पोल
इंदौर। स्मार्ट सिटी क्षेत्र में करोड़ों रुपये की लागत से तैयार की गई सड़क की गुणवत्ता पहली ही टेस्टिंग में सवालों के घेरे में आ गई। गोराकुंड चौराहे से करीब 20 मीटर दूर सड़क के बीच नई पानी की पाइपलाइन की टेस्टिंग के दौरान अचानक पानी का तेज बहाव शुरू हो गया। कुछ ही सेकंड में पानी सड़क पर फैल गया और सड़क का एक हिस्सा टूटकर धंस गया, जिससे वहां बड़ा गड्ढा हो गया।बताया गया कि स्मार्ट सिटी क्षेत्र में 24 घंटे पानी की सप्लाई के दावे के साथ नई पाइपलाइन बिछाई गई है। पाइपलाइन की कनेक्शन टेस्टिंग के दौरान यह हादसा सामने आया। पानी निकलने वाले हिस्से में सड़क टूटने के बाद नगर निगम ने फिलहाल आसपास बैरिकेड लगाकर रास्ते को सुरक्षित किया।सड़क और पाइपलाइन परियोजना को लेकर सबसे बड़ा सवाल यह है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद निर्माण की गुणवत्ता इतनी कमजोर क्यों रही कि पानी की टेस्टिंग के दौरान ही सड़क जवाब दे गई। जानकारी के अनुसार पाइपलाइन का काम वर्ष 2021 में पूरा होना बताया गया था और इस परियोजना पर करीब 50 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। इसके बावजूद नई व्यवस्था का उपयोग अब तक पूरी तरह शुरू नहीं हो पाया है।गोराकुंड क्षेत्र स्मार्ट सिटी के एरिया बेस्ड डेवलपमेंट में शामिल है। एमजी रोड समेत आसपास के क्षेत्रों में स्मार्ट सिटी के तहत सड़क और अन्य सुविधाएं विकसित की गई थीं। स्थानीय स्तर पर यह भी सामने आया है कि सड़क को कई बार डामर से दुरुस्त करना पड़ा है। अनंत चतुर्दशी जैसे बड़े आयोजनों के दौरान भी सड़क की मरम्मत कर आवागमन सुचारु रखा जाता रहा।स्मार्ट सिटी के सीईओ अर्थ जैन के अनुसार, मामले की जानकारी उन्हें तत्काल नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसी घटना हुई है तो इसकी जांच कराई जाएगी।एक दर्जन से अधिक पैच खराब हो चुके हैं और अब तक कई बार सड़क की मरम्मत कराई जा चुकी है। ऐसे में करोड़ों रुपये खर्च कर बनाई गई सड़क की टिकाऊपन और निर्माण गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब सड़क और पाइपलाइन की व्यवस्था नई है, तो सामान्य टेस्टिंग में ही सड़क टूटने की नौबत क्यों आई।
