केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के कट्टर समर्थक कृष्णा घाड़गे के तेवर अब बदलते नजर आ रहे हैं। भाजपा संगठन से कारण बताओ नोटिस मिलने के बाद घाड़गे ने अपने बयान और सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर सफाई देना शुरू कर दिया है।दरअसल, कृष्णा घाड़गे ने सोशल मीडिया पर सांसद केपी यादव पर निशाना साधते हुए उन्हें “बालक बुद्धि नेता” तक कह दिया था। इस पोस्ट के बाद भाजपा संगठन ने सख्त रुख अपनाते हुए घाड़गे को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया। मामला सामने आते ही पार्टी में हलचल तेज हो गई और सिंधिया समर्थक तथा केपी यादव खेमे के बीच तनातनी खुलकर सामने आने लगी। नोटिस मिलने के बाद अब कृष्णा घाड़गे के सुर बदले-बदले नजर आ रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक उन्होंने अपने बयान को व्यक्तिगत भावना बताया और पार्टी अनुशासन का सम्मान करने की बात कही है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि संगठन की सख्ती के बाद घाड़गे बैकफुट पर आ गए हैं।भाजपा ने इस कार्रवाई के जरिए साफ संकेत दे दिए हैं कि पार्टी के भीतर सार्वजनिक बयानबाजी और गुटबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वहीं इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर भाजपा के अंदर चल रही अंदरूनी खींचतान को उजागर कर दिया है।
