इंदौर। मनोरमागंज स्थित डाक कुंज कॉलोनी में डाक विभाग की पोस्टल असिस्टेंट उर्मिला सैनी की हत्या के मामले में जांच लगातार आगे बढ़ रही है। पुलिस फरार आरोपी पति अखिलेश सैनी की तलाश में चार टीमें लगाकर संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। वहीं इस घटना ने परिवार के दो मासूम बच्चों की जिंदगी पूरी तरह बदल दी है।परिजनों के अनुसार, मां की हत्या के बाद दोनों बच्चे गहरे सदमे में हैं। बड़ी बेटी अपनी आंखों के सामने मां का खून से लथपथ शव देखने के बाद मानसिक आघात से उबर नहीं पा रही है, जबकि छोटा बेटा बार-बार अपनी मां को वापस लाने की बात करता है और गुस्से में अपने पिता को ‘रावण’ कहकर उन्हें सजा दिलाने की बात कहता है। मासूम की बातें सुनकर परिवार भी भावुक हो जाता है।पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी कथित तौर पर पूरी तैयारी के साथ घर पहुंचा था। जांच के अनुसार उसने पहले एक बड़ा चाकू खरीदा और बच्चों के स्कूल जाने का इंतजार किया। घर में पत्नी के अकेले होने पर उन पर कई बार चाकू से हमला किया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।घटना के बाद आरोपी बेटी के स्कूल पहुंचा और उसे कुछ जरूरी सामान व एटीएम कार्ड देते हुए भोपाल जाने की बात कही। उसने बच्चों से मौसी के घर चले जाने को भी कहा। जब बेटी घर लौटी तो टीवी तेज आवाज में चल रहा था और लिविंग रूम में मां खून से लथपथ पड़ी थीं। इसके बाद उसने परिजनों को सूचना दी।परिजनों का कहना है कि हत्या से कुछ मिनट पहले उर्मिला ने अपने भाई मनोज मालाकार को फोन कर वकील से बात कराने और कार्यालय पहुंचने की बात कही थी। उन्होंने यह भी कहा था कि वह अब अपने पति के साथ नहीं रहना चाहतीं। परिवार ने इसे सामान्य पारिवारिक विवाद समझा, लेकिन कुछ देर बाद हत्या की सूचना मिलने से सभी स्तब्ध रह गए।परिवार के मुताबिक, वर्ष 2011 में विवाह के बाद से ही दोनों के बीच तनाव बना हुआ था। आरोप है कि पति पत्नी के चरित्र पर संदेह करता था, जिसके चलते आए दिन विवाद होते थे। उर्मिला ने अलग-अलग समय पर महिला थाना, जूनी इंदौर थाना और भोपाल में भी शिकायतें दर्ज कराई थीं। फिलहाल पुलिस मामले की सभी पहलुओं से जांच करते हुए फरार आरोपी की तलाश में जुटी हुई है।
