
इंदौर के विजयनगर क्षेत्र में हुए अवंतिका गैस पाइपलाइन विस्फोट में पुलिस ने पार्षद बालमुकुंद सोनी को भी आरोपी बनाया है। इसका खुलासा मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान उस वक्त हुआ, जब पुलिस ने कोर्ट के समय यह जानकारी रखी। हादसे के समय पार्षद सोनी मौके पर मौजूद थे और उन्होंने ही बोरिंग के लिए स्थान तय किया था। निगम द्वारा प्रस्तुत की गई रिपोर्ट में भी यह उल्लेख है कि पार्षद द्वारा मौके पर बोरिंग कराया जा रहा था।पिछली सुनवाई को इस मामले में जांच अधिकारी ने केस डायरी कोर्ट में पेश की थी, लेकिन कोर्ट ने जांच की दिशा पर सवाल उठाए थे। कोर्ट ने यह भी कहा था कि यदि जांच में ढिलाई बरती गई तो फिर दूसरी एजेंसी को जांच सौपने की जरुरत महूसस हो रही है। इसके बाद पुलिस की जांच में तेजी आई और पार्षद भी आरोपी बन गए। सुनवाई के दौरान बोरिंग मशीन और वाहन को मालिक के हवाले करने पर भी सवाल उठे। कोर्ट को अफसरों ने बताया कि जिला कोर्ट से सुपुर्दगीनामे के आदेश पारित हुए थे।आपको बता दे कि हादसे में पीडि़त युवती को कोर्ट के निर्देश पर एयर लिफ्ट कर इलाज के लिए अहमदाबाद भेजा गया है। आग में झुलने से उसके चेहरे की त्वचा जल गई है। फिलहाल उसका इलाज जारी है। इसके अलावा एक युवक भी झुलसा है। यह हादसा इंदौर में 23 जून को हुआ है, लेकिन अभी तक पीडि़तों को सरकार की तरफ से मुआवजा नहीं मिला है।
