इंदौर। NEET परीक्षा को लेकर जारी विवाद के बीच बुधवार को कुछ छात्र और प्रदर्शनकारी नगरीय प्रशासन एवं संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के नंदा नगर स्थित निवास के बाहर विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें मीडिया से बातचीत नहीं करने दी, जबकि उनका प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक था।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने पहले NEET परीक्षा से जुड़े मामले को प्रदेश का विषय नहीं बताया, फिर छात्र आंदोलन को “प्रायोजित” कहा और बाद में छात्रों के संदर्भ में कथित रूप से अपमानजनक टिप्पणी की। इसी के विरोध में उन्होंने मंत्री निवास के बाहर प्रदर्शन कर अपना विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों और युवाओं ने कहा कि निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था की मांग करना उनका अधिकार है। उनका सवाल था कि क्या अपने भविष्य की चिंता करने वाले छात्र “कीड़े” हैं और क्या भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाना प्रायोजित आंदोलन कहलाएगा।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि मंत्री कैलाश विजयवर्गीय अपने कथित बयान पर सार्वजनिक रूप से स्पष्टीकरण दें और छात्रों से माफी मांगें। साथ ही केंद्र सरकार शिक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराए तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा लेकर जवाबदेही तय करे।
फिलहाल, इस मामले में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की ओर से प्रदर्शन को लेकर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
