पूर्व पार्षद संजय कटारिया ने कलेक्टर से कहा— रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक शहरी क्षेत्र में बोरिंग पर लगे प्रतिबंध
शहर में रात के समय होने वाली बोरिंग से आमजन की परेशानी का मुद्दा मंगलवार को जनसुनवाई में जोर-शोर से उठा। पूर्व पार्षद संजय कटारिया के नेतृत्व में बड़ी संख्या में नागरिक कलेक्टर शिवम वर्मा से मिले और रात में बोरिंग पर प्रतिबंध लगाने की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा।शिकायतकर्ताओं ने बताया कि रात में चलने वाली बोरिंग मशीनों के तेज शोर से आसपास के करीब एक किलोमीटर क्षेत्र तक रहने वाले लोग पूरी रात सो नहीं पाते। इसका सबसे अधिक असर मरीजों, छात्र-छात्राओं, नौकरीपेशा लोगों, बुजुर्गों और छोटे बच्चों पर पड़ता है, जिससे उनकी दिनचर्या और स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है।संजय कटारिया ने बताया कि बोरिंग पर लगाया गया प्रतिबंध 30 जून को समाप्त हो चुका है। इसके बाद शहर में रात के समय बोरिंग का काम तेजी से शुरू हो गया है, जिससे ध्वनि प्रदूषण बढ़ने के साथ आम नागरिकों की परेशानी भी बढ़ गई है।उन्होंने कलेक्टर को बताया कि सुप्रीम कोर्ट के वर्ष 2000 के आदेश के अनुसार रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक का समय लोगों के विश्राम का होता है और इस दौरान अनावश्यक ध्वनि प्रदूषण नहीं होना चाहिए। इसी आधार पर शहरी क्षेत्र में रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक बोरिंग कार्य पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई।कलेक्टर शिवम वर्मा ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए कहा कि जनसुनवाई में प्राप्त इस शिकायत पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और जल्द ही उचित निर्णय लिया जाएगा।
