धार। मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि 140 करोड़ की आबादी वाले देश में ऐसे छोटे-मोटे आंदोलनों से कोई विशेष फर्क नहीं पड़ता। उनके अनुसार, लोकतंत्र में समय-समय पर इस तरह के आंदोलन होते रहते हैं और इन्हें असाधारण नहीं माना जाना चाहिए।धार जिले के अमझेरा दौरे के दौरान मीडिया से बातचीत में विजयवर्गीय ने कहा कि ऐसे आंदोलनों में वही लोग शामिल होते हैं जो निराश मानसिकता के होते हैं और उन्हें कोई न कोई मुद्दा मिल जाता है। उन्होंने आंदोलन की तुलना मौसम की घटनाओं से करते हुए कहा कि कहीं ज्यादा बारिश होती है, कहीं बाढ़ या भूकंप आते हैं, लेकिन देश चलता रहता है।धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर भी विजयवर्गीय ने दावा किया कि वे पहले ही इस्तीफा देना चाहते थे, लेकिन पार्टी ने उन्हें रोक लिया था। बाद में पार्टी के निर्णय के अनुसार उन्होंने अपना इस्तीफा सौंप दिया।विजयवर्गीय ने यह भी कहा कि आंदोलन के दौरान सोनम वांगचुक ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तक अनशन जारी रखने की बात कही थी। साथ ही उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल चुनाव में हार के बाद विपक्ष निराश था और इस आंदोलन से उसे कुछ समय के लिए राजनीतिक ऊर्जा मिली, लेकिन केंद्र सरकार के हालिया फैसलों के बाद विपक्ष की रणनीति फिर कमजोर पड़ गई।
