भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय ने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को लेकर 24 सूत्रीय गाइडलाइन जारी की है। इसके तहत पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के दौरान ही नहीं, बल्कि ड्यूटी के बाद भी वर्दी में रील, फोटो या वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट करने से बचने के निर्देश दिए गए हैं। नियमों के उल्लंघन पर विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है, जिसमें कारण बताओ नोटिस से लेकर निलंबन तक की कार्रवाई शामिल हो सकती है।गाइडलाइन में ChatGPT, Gemini और अन्य AI प्लेटफॉर्म पर सरकारी, गोपनीय या संवेदनशील दस्तावेज अपलोड करने पर भी रोक लगाई गई है। पुलिसकर्मियों को संवेदनशील ड्यूटी, ऑपरेशन, तैनाती और जांच से जुड़ी जानकारी सोशल मीडिया पर साझा नहीं करने की हिदायत दी गई है।गिरफ्तारी, छापेमारी और आपराधिक जांच से संबंधित फोटो-वीडियो या जानकारी साझा करते समय भी विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। ऐसी जानकारी सार्वजनिक करने से रोक दिया गया है, जिससे चल रही जांच या भविष्य की कार्रवाई प्रभावित हो सकती है। किसी आरोपी को जांच या न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने से पहले दोषी के रूप में प्रस्तुत करने से भी बचने के निर्देश हैं।गाइडलाइन के मुताबिक पुलिस वर्दी, सरकारी वाहन, कार्यालय या अन्य सरकारी संसाधनों का इस्तेमाल व्यक्तिगत प्रचार अथवा लोकप्रियता बढ़ाने के लिए भी नहीं किया जा सकेगा। गंभीर उल्लंघन की स्थिति में संबंधित पुलिसकर्मी के साथ उसके नियंत्रण अधिकारी पर भी अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रावधान बताया गया है।
