इंदौर नगर निगम के वार्ड क्रमांक 33 में सालों से लोगों को पिलाया जा रहा गंदे पानी का सच आखिरकार तब उजागर हुआ, जब वार्ड 22 के कांग्रेस पार्षद राजू भदौरिया खुद पीने के पानी के लिए बने सम (पानी टैंक) में उतर गए। भदोरिया ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि वार्ड 33 में वर्ष 2004 में बने इस सम (पानी की टंकी) की आज तक कभी सफाई नहीं हुई। हालात इतने बदतर थे कि टैंक के अंदर भारी मात्रा में मिट्टी और गाद जमा थी, जिसे सीधे तौर पर जनता के नलों तक पहुंचाया जा रहा था। चौंकाने वाली बात यह भी है कि पानी के लिए बने सम के मेन गेट का दरवाजा तक टूटा पड़ा हुआ है। भदोरिया का कहना है टूटे पड़े दरवाजे से कोई आसामाजिक तत्व कोई भी जहरीला पदार्थ उसमें फेंक सकता हैं या कोई भी जानवर, नशेड़ी इंसान उसमें गिर सकता है, जिससे बड़ा हादसा घट सकता है।वार्ड के रहवासी लंबे समय से गंदे पानी की शिकायत कर रहे थे। पहले सीवेज और ड्रेनेज लाइन की जांच कराई गई, लेकिन जब वहां कोई गड़बड़ी नहीं मिली, तो वार्ड 22 के कांग्रेस पार्षद खुद टंकी में उतर गए। भदोरिया ने इसकी जानकारी वार्ड 33 के भाजपा पार्षद मनोज मिश्रा को दी इसके बाद निगमकर्मियों के साथ मिलकर उन्होंने सफाई अभियान चलाया और वर्षों से जमा गंदगी को बाहर निकलवाया।राजू भदौरिया ने साफ कहा कि यह समस्या सिर्फ एक वार्ड तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे इंदौर में गंदे पानी की समस्या व्याप्त है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब टंकी की नियमित सफाई ही नहीं हो रही, तो शहर की स्वास्थ्य व्यवस्था का क्या हाल होगा।
