(खबर सत्याग्रह)इंदौर। मदर्स डे के अवसर पर मेंस राइट्स के लिए कार्यरत संस्था “पौरुष” द्वारा राजा रघुवंशी हत्याकांड सहित अन्य मामलों में पीड़ित माताओं को न्याय दिलाने की मांग को लेकर जोरदार विरोध-प्रदर्शन और कैंडल मार्च निकाला गया। रविवार शाम नेहरू पार्क से शुरू हुआ यह मार्च रीगल चौराहे तक पहुंचा, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने हाथों में मोमबत्तियां और तख्तियां लेकर न्याय की मांग उठाई।कार्यक्रम के दौरान प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए राजा रघुवंशी हत्याकांड की आरोपी सोनम रघुवंशी को शिलांग कोर्ट से महज 10 माह में मिली जमानत पर सवाल खड़े किए। संस्था “पौरुष” के अध्यक्ष एडवोकेट अशोक दशोरा ने कहा कि शिलांग पुलिस की लापरवाही और आरोपियों को बचाने की नीयत से कमजोर धाराओं में केस दर्ज किए जाने का फायदा आरोपी को मिला, जिससे पीड़ित परिवार को बड़ा झटका लगा है।उन्होंने कहा कि यह केवल राजा रघुवंशी की मां के साथ अन्याय नहीं, बल्कि उन सभी माताओं के संघर्ष का अपमान है जो अपने बेटों के लिए न्याय की लड़ाई लड़ रही हैं। प्रदर्शन में नितिन पडियार की मां, जितेंद्र भारती की मां गीता भारती, देवास के प्रवीण पटेल की मां रंजना पटेल और बहन ऋतु पटेल सहित कई पीड़ित परिवार शामिल हुए।नेहरू पार्क से रीगल चौराहे तक निकाले गए कैंडल मार्च में महिलाओं और युवाओं की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। हाथों में तख्तियां लिए प्रदर्शनकारी “विक्टिम्स को न्याय दो”, “कमजोर धाराएं बंद करो” और “माताओं की पुकार, चाहिए न्याय इस बार” जैसे नारे लगाते नजर आए।संस्था अध्यक्ष अशोक दशोरा ने बताया कि मदर्स डे पर आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य उन पीड़ित माताओं की आवाज को मजबूती देना था, जो वर्षों से न्याय की उम्मीद में संघर्ष कर रही हैं। कार्यक्रम में शहर के कई पीड़ित परिवार और सामाजिक कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
