पूर्वी बायपास और इंदौर-मनमाड़ रेल लाइन परियोजना का विरोध, बोले- उपजाऊ जमीन बचाओ
इंदौर। एनएचएआई की प्रस्तावित पूर्वी बायपास परियोजना और रेलवे विभाग की इंदौर-मनमाड़ रेल लाइन के लिए किए जा रहे जमीन अधिग्रहण के विरोध में सोमवार को किसानों ने कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। खंडवा रोड और आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में पहुंचे किसानों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए अपनी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया।धरना स्थल पर किसानों का अनोखा अंदाज भी देखने को मिला। किसान अपने साथ गैस चूल्हा और गैस टंकी लेकर पहुंचे। उनका कहना था कि वे लंबे संघर्ष के लिए तैयार हैं और जरूरत पड़ने पर आंदोलन स्थल पर ही भोजन बनाकर धरना जारी रखेंगे।धरने में सिमरोल, तिल्लौर खुर्द, खुड़ैल सहित आसपास के कई गांवों के किसान शामिल हुए। किसानों के हाथों में तख्तियां थीं, जिन पर “उपजाऊ जमीन बचाओ”, “किसानों की जमीन अधिग्रहण बंद करो” और “खेती नहीं तो भोजन नहीं” जैसे नारे लिखे हुए थे।किसान नेता जितेंद्र पाटीदार ने कहा कि विकास परियोजनाओं के नाम पर किसानों की उपजाऊ कृषि भूमि अधिग्रहित की जा रही है, जिससे उनकी आजीविका पर सीधा संकट खड़ा हो जाएगा। किसानों की मांग है कि उपजाऊ जमीन को अधिग्रहण प्रक्रिया से बाहर रखा जाए तथा प्रस्तावित योजनाओं पर पुनर्विचार किया जाए।पूर्वी बायपास परियोजना को लेकर किसानों में विशेष नाराजगी है। करीब 84 किलोमीटर लंबी यह सड़क एबी रोड से शुरू होकर महू, सिमरोल और कंपेल होते हुए देवास जिले के शिप्रा क्षेत्र के पास पुनः एबी रोड से जुड़ेगी। किसानों के विरोध के चलते इस परियोजना का लेआउट पहले भी एक बार बदला जा चुका है।उल्लेखनीय है कि हाल ही में हाई कोर्ट ने इस मामले में यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश देते हुए एनएचएआई और जिला प्रशासन को नोटिस जारी किए हैं। इसके बावजूद किसानों का कहना है कि उनकी चिंताओं का समाधान नहीं हुआ है, इसलिए आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा।कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर शुरू हुआ यह धरना प्रशासन और किसानों के बीच बढ़ते टकराव का संकेत माना जा रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सरकार और किसानों के बीच वार्ता की संभावना भी जताई जा रही है।
