इंदौर में पेयजल की गुणवत्ता को लेकर जारी विवाद के बीच महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव ने सुदामा नगर पहुंचकर सार्वजनिक रूप से नल का पानी पीते हुए “जहरीले पानी” संबंधी दावों को चुनौती दी।उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र के पानी को पीने योग्य नहीं बताया गया था, उसी क्षेत्र का पानी रहवासियों के बीच पीकर उन्होंने दावों की वास्तविकता सामने रखी है।महापौर ने कहा कि कुछ सीमित मामलों के आधार पर पूरे इंदौर की जल आपूर्ति व्यवस्था और शहर की छवि को बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि नगर निगम लगातार पानी की गुणवत्ता की निगरानी कर रहा है और नागरिकों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है।इस दौरान स्थानीय रहवासियों ने भी महापौर के दावे का समर्थन करते हुए बताया कि नर्मदा परियोजना की पाइपलाइन शुरू होने के बाद क्षेत्र में गंदे पानी की समस्या नहीं रही है। उनका कहना था कि वे कई महीनों से यही पानी उपयोग कर रहे हैं और किसी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी परेशानी सामने नहीं आई है।
