भोपाल पुलिस का संवेदनशील और मानवीय चेहरा एक बार फिर सामने आया है। पुलिस कमिश्नर कार्यालय में देवेंद्र सक्सेना को अचानक हृदयाघात (हार्ट अटैक) आने से उनकी स्थिति गंभीर हो गई। मौके पर मौजूद आरक्षक रंजीत रघुवंशी ने बिना समय गंवाए उन्हें सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) दिया, जिससे उनकी सांसें फिर से चलने लगीं और उनकी जान बचाई जा सकी।बताया गया कि पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते महज पांच मिनट के भीतर स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया। इसके बाद आरआई जयसिंह तोमर ने अपने निजी वाहन से देवेंद्र सक्सेना को तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार शुरू किया गया।पुलिसकर्मियों की सूझबूझ, सेवा भावना और तत्परता से एक व्यक्ति को नया जीवन मिला। इस सराहनीय कार्य के लिए आरक्षक रंजीत रघुवंशी और आरआई जयसिंह तोमर की व्यापक प्रशंसा हो रही है। यह घटना पुलिस के मानवीय दायित्व और जनसेवा के प्रति समर्पण का प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आई है।
