
इंदौर। शहर के प्रतिष्ठित शिशुकुंज स्कूल के झलारिया कैंपस में बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़ी गंभीर शिकायतों के बाद जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए स्कूल के किचन को सील कर दिया है। जांच के दौरान किचन में एक्सपायरी डेट निकल चुके मसालों और अन्य खाद्य सामग्री का उपयोग पाए जाने पर प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई की।जानकारी के अनुसार, कलेक्टर शिवम वर्मा को पालकों द्वारा शिकायत प्राप्त हुई थी कि स्कूल में परोसे जा रहे भोजन के सेवन के बाद कुछ बच्चों का स्वास्थ्य प्रभावित हुआ है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम, स्वास्थ्य विभाग, खाद्य सुरक्षा विभाग, शिक्षा विभाग एवं पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने स्कूल परिसर का औचक निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और स्वच्छता की जांच की गई। टीम ने पनीर, आइसक्रीम, मसाले, शरबत, दालें, राजमा, तेल, नमकीन, दूध, तैयार भोजन, पीने के पानी सहित कुल 23 खाद्य पदार्थों के नमूने संग्रहित कर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे हैं।जांच के दौरान सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि किचन में उपयोग के लिए रखे गए 10 मसालों के पैकेट और 2 नमकीन पैकेट एक्सपायरी डेट पार कर चुके थे। खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर अधिकारियों ने तत्काल किचन को आगामी आदेश तक सील कर दिया और संबंधित प्रकरण दर्ज किया।इस कार्रवाई में एसडीएम कनाड़िया दीपक चौहान, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हासानी, खाद्य सुरक्षा अधिकारियों सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।कलेक्टर शिवम वर्मा ने स्पष्ट किया है कि बच्चों के स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी स्कूल, हॉस्टल, मेस, कैंटीन या अन्य खाद्य प्रतिष्ठान में गंदगी, मिलावट, अस्वच्छता अथवा खाद्य सुरक्षा संबंधी अनियमितता दिखाई दे तो इसकी सूचना कलेक्टर हेल्पलाइन 0731-181 पर दें। शिकायत मिलने पर प्रशासन द्वारा तत्काल जांच और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।यह कार्रवाई शिक्षा संस्थानों में खाद्य गुणवत्ता और विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन की गंभीरता को दर्शाती है। अब सभी की निगाहें प्रयोगशाला रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट होगा कि परोसे जा रहे भोजन की वास्तविक गुणवत्ता क्या थी।
