इंदौर। शहर के तीन इमली बस स्टैंड पर सोमवार को उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब एक महिला के साथ मौजूद युवक को बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने रोक लिया। संगठन के पदाधिकारियों ने युवक और महिला को आजाद नगर थाना पुलिस के सुपुर्द करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की।
विश्व हिंदू परिषद के सामाजिक समरसता प्रमुख तन्नू शर्मा ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि बिहार निवासी एक हिंदू महिला के साथ एक युवक बस स्टैंड पर मौजूद है। सूचना मिलने पर जिला मंत्री संतोष वर्मा, जितेंद्र जादौन और बंटू श्रॉफ सहित अन्य कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और दोनों को रोककर पुलिस को बुलाया।
पुलिस के समक्ष महिला ने स्वयं को बिहार निवासी विवाहित हिंदू महिला बताते हुए आरोप लगाया कि उसकी युवक से इंस्टाग्राम पर पहचान हुई थी। महिला का कहना है कि युवक उसे मिलने के बहाने इंदौर बुलाकर पहले देवास जिले के चापड़ा क्षेत्र ले गया, जहां उसे चाय में नशीला पदार्थ पिलाकर उसके साथ जबरदस्ती करने का प्रयास किया। इसके बाद वह उसे तीन इमली बस स्टैंड लाकर राजस्थान के कोटा ले जाने का दबाव बना रहा था। महिला का कहना है कि इसी दौरान संगठन के कार्यकर्ताओं के पहुंचने से वह सुरक्षित बच गई।
युवक की पहचान इरफान खान, निवासी कनावास, जिला चूरू (राजस्थान) के रूप में बताई गई है। संगठन के पदाधिकारियों का दावा है कि पूछताछ के दौरान युवक ने कुछ महत्वपूर्ण बातें स्वीकार कीं। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि पुलिस की जांच के बाद ही हो सकेगी।
संगठन ने लगाए गंभीर आरोप
विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि मामला केवल एक महिला तक सीमित नहीं हो सकता। उन्होंने पुलिस से युवक के मोबाइल, सोशल मीडिया अकाउंट और संपर्कों की गहन जांच कराने की मांग की है। संगठन ने पूरे प्रकरण की सभी पहलुओं से जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने शुरू की जांच
आजाद नगर थाना पुलिस ने युवक और महिला से पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि महिला के बयान, डिजिटल साक्ष्यों और अन्य तथ्यों के आधार पर जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
महिला की सुरक्षा पर विशेष ध्यान
पुलिस ने महिला की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए उसके बयान दर्ज किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में किसी प्रकार के अपराध, मानव तस्करी, यौन शोषण या अन्य गंभीर अपराध के प्रमाण मिलते हैं, तो संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
