उज्जैन। श्रावण मास के तीसरे सोमवार को बाबा महाकाल की तीसरी सवारी श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ निकाली गई। भगवान श्री महाकालेश्वर अपनी प्रजा का हाल जानने नगर भ्रमण पर निकले तो पूरा उज्जैन ‘अवंतिकानाथ की जय’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंज उठा।सवारी में बाबा महाकाल ने तीन अलग-अलग स्वरूपों में भक्तों को दर्शन दिए। भगवान महाकालेश्वर पालकी में चंद्रमौलेश्वर स्वरूप, हाथी पर मनमहेश स्वरूप तथा गरुड़ रथ पर शिव-तांडव स्वरूप में विराजित रहे।सवारी के दर्शन के लिए मार्ग के दोनों ओर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। प्रशासन के अनुसार 7.80 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दर्शन किए। सवारी मार्ग पर हर तरफ भक्ति और उल्लास का वातावरण नजर आया।तीन स्वरूपों में दिए दर्शनपालकी में विराजित चंद्रमौलेश्वर स्वरूप के दर्शन के लिए श्रद्धालु आतुर नजर आए। वहीं हाथी पर सवार मनमहेश स्वरूप और गरुड़ रथ पर विराजित शिव-तांडव स्वरूप ने भक्तों को आकर्षित किया। श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर बाबा महाकाल का स्वागत किया।जयघोष से गूंजा पूरा शहरसवारी मार्ग पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। ‘हर-हर महादेव’, ‘जय श्री महाकाल’ और ‘अवंतिकानाथ की जय’ के जयघोष से पूरा वातावरण शिवमय हो गया। भक्तों ने बाबा महाकाल के तीनों स्वरूपों के दर्शन कर सुख-समृद्धि और परिवार की मंगलकामना की।आस्था के साथ उमड़ा जनसैलाबतीसरी सवारी को लेकर उज्जैन में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ दिखाई देने लगी थी। सवारी मार्ग पर सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए प्रशासन एवं पुलिस की ओर से व्यापक इंतजाम किए गए। देश के अलग-अलग हिस्सों से आए श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दर्शन कर स्वयं को धन्य माना।
