देवास | खबर सत्याग्रहदेवास जिले के चंदाना और बिंजाना गांवों में जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले में पुलिस जांच के दौरान बड़े खुलासे हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी अजय राठौर ने AI की मदद से नकली शराब बनाने का तरीका खोजा और इंदौर के दवा बाजार से केमिकल मंगवाया। आरोप है कि उसने घर पर नकली शराब तैयार कर उसे लाइसेंसी शराब की पेटियों में मिलाकर गांवों में सप्लाई किया।पुलिस के अनुसार, आरोपी ने 27-28 सितंबर से शराब बनाने का तरीका खोजना शुरू किया था। इसके बाद 1-2 अक्टूबर को उसके पुआड़ा दाई स्थित घर पर केमिकल पहुंचा। जांच में सामने आया कि 2 से 6-7 अक्टूबर के बीच घर पर नकली शराब तैयार की गई। इसके लिए कबाड़ियों से पुरानी खाली बोतलें और ढक्कन जुटाए गए थे।लाइसेंसी शराब की पेटियों में मिलाई नकली बोतलेंपुलिस के मुताबिक, नकली शराब की बोतलों को असली शराब की पेटियों में मिलाकर बेचा जाता था। आरोप है कि अजय के नेटवर्क के जरिए शराब चंदाना निवासी विनोद जायसवाल तक पहुंची, जहां से उसे स्थानीय स्तर पर सप्लाई किया गया। पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।इंदौर का केमिकल गोदाम सीलपुलिस ने केमिकल सप्लाई करने वाले इंदौर स्थित गोदाम को सील कर दिया है। अधिकारियों के मुताबिक, इसी गोदाम से मुख्य आरोपी के घर केमिकल भेजा गया था। पुलिस अब केमिकल सप्लाई करने से लेकर नकली शराब बनाने और उसे गांवों तक पहुंचाने वाले पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।मामले में अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।15 दिन में जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देशग्रामीणों के अनुसार, मौतों का सिलसिला 27 सितंबर से शुरू हुआ था। शराब पीने के बाद लोगों को पेट दर्द, चक्कर, घबराहट और उल्टी जैसी शिकायतें हुईं। इस मामले में 13 लोगों की मौत होने का दावा किया गया है। हालांकि, मौतों की वास्तविक वजह की पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही होगी।मृतकों के विसरा और शराब की बोतलों सहित अन्य साक्ष्यों को एफएसएल जांच के लिए भेजा गया है। उज्जैन संभागायुक्त द्वारा गठित समिति ने दोनों गांवों में पहुंचकर मृतकों के परिजनों और प्रभावित लोगों के बयान दर्ज किए हैं। समिति को 15 दिनों के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
