पीथमपुर। औद्योगिक नगरी पीथमपुर में अमृत पेयजल योजना 2.0 के तहत निर्माणाधीन जल टंकी परियोजना में गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बाद नगर पालिका परिषद ने सख्त रुख अपनाया है। हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र स्थित शासकीय विद्यालय के सामने लगभग 5.30 करोड़ रुपए की लागत से बन रही इस परियोजना में सुरक्षा मानकों की खुलेआम अनदेखी किए जाने की शिकायतें मिली हैं।जानकारी के अनुसार, निर्माण कार्य कर रही जेएसके कंपनी द्वारा मजदूरों से बिना हेलमेट, बिना सेफ्टी बेल्ट और बिना आवश्यक सुरक्षा उपकरणों के ऊंचाई पर कार्य कराया जा रहा था। इतना ही नहीं, निर्माण स्थल पर न तो कोई चेतावनी संकेत लगाए गए थे और न ही यातायात के लिए उचित डायवर्सन की व्यवस्था की गई थी, जिससे दुर्घटना की आशंका लगातार बनी हुई थी।स्थानीय नागरिकों ने भी इस लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए कहा कि इतनी बड़ी सरकारी परियोजना में सुरक्षा नियमों का पालन न होना बेहद चिंताजनक है। हाल ही में सागर में क्रेन दुर्घटना में हुई जनहानि के बावजूद यहां सुरक्षा को लेकर कोई सतर्कता नहीं बरती गई।इसके अलावा, निर्माण स्थल के बाहर सड़क पर गिट्टी और रेत फैलने से आमजन का आवागमन भी बाधित हो रहा है, जिससे लोगों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।नगर पालिका परिषद पीथमपुर के मुख्य नगरपालिका अधिकारी निशिकांत शुक्ला ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बताया कि प्रारंभिक जांच में अनियमितताएं पाई गई हैं। ठेकेदार को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है और जब तक सभी सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित नहीं किया जाता, तब तक निर्माण कार्य पूर्णतः बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।प्रशासन की इस कार्रवाई से उम्मीद जताई जा रही है कि भविष्य में निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर अधिक सख्ती बरती जाएगी.