पार्षद जीतू यादव ने कांग्रेस के खिलाफ पेश किया निंदा प्रस्ताव
• पत्रकार – रवि यादव (संपादक)
इंदौर। नारी शक्ति वंदन अधिनियम बिल के लोकसभा में गिरने के बाद राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। इसी क्रम में वार्ड 24 के पार्षद जीतू यादव (जाटव) ने इंदौर नगर निगम परिषद में कांग्रेस के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए निंदा प्रस्ताव प्रस्तुत किया। यह प्रस्ताव महापौर पुष्यमित्र भार्गव के नेतृत्व में सभापति मुन्नालाल यादव को सौंपा गया।पार्षद जीतू यादव ने कहा कि नारी सशक्तिकरण जैसे गंभीर विषय पर राजनीति करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने से जुड़े महत्वपूर्ण विधेयक का विरोध कर कांग्रेस ने महिलाओं की आकांक्षाओं को ठेस पहुंचाई है। उनके अनुसार, यह केवल एक विधेयक नहीं बल्कि देश की आधी आबादी के अधिकारों से जुड़ा ऐतिहासिक कदम था।उन्होंने आगे कहा कि देश एक ऐतिहासिक पल का साक्षी बनने जा रहा था, लेकिन विपक्ष के रुख के चलते यह अवसर हाथ से निकल गया। यादव ने यह भी दावा किया कि महिलाओं के सपनों को “बेरहमी से कुचल दिया गया” है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को जनता माफ नहीं करेगी।गौरतलब है कि महिला आरक्षण से जुड़ा संवैधानिक संशोधन विधेयक लोकसभा में अपेक्षित समर्थन हासिल नहीं कर सका। दो दिनों की बहस के बाद हुए मतदान में विधेयक के पक्ष में 298 वोट पड़े, जबकि विरोध में 230 मत मिले, जिसके चलते यह पारित नहीं हो सका। यह पिछले कई वर्षों में पहली बार हुआ है जब केंद्र सरकार द्वारा लाया गया कोई संवैधानिक संशोधन विधेयक सदन में गिरा हो।इस विधेयक के साथ ही परिसीमन (डीलिमिटेशन) से जुड़े प्रावधान भी प्रस्तावित थे, जिनका उद्देश्य भविष्य में लोकसभा सीटों का पुनर्गठन करना था। पार्षद यादव ने कहा कि इस तरह के सुधार देश के लोकतांत्रिक ढांचे को मजबूत करने के लिए जरूरी हैं और इनका विरोध करना जनभावनाओं के विपरीत है।नगर निगम परिषद में इस मुद्दे को लेकर चर्चा की संभावना है, जहां सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिल सकती है।
