इंदौर के विजयनगर थाना क्षेत्र में ऑफिस से 1.70 लाख रुपये चोरी होने के मामले का पुलिस ने चंद घंटों में खुलासा कर दिया। मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि चोरी की वारदात को अंजाम देने वाला कोई बाहरी बदमाश नहीं, बल्कि उसी ऑफिस का पूर्व कर्मचारी निकला, जिसे कुछ दिन पहले नौकरी से निकाल दिया गया था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके पास से 1.50 लाख रुपये नगद बरामद कर लिए हैं।पुलिस के अनुसार फरियादी दीपक काले निवासी पुष्प विहार एक्सटेंशन ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके ऑफिस एनआरके बिजनेस पार्क, पीयू-4 से दराज में रखे 1.70 लाख रुपये चोरी हो गए हैं। शिकायत के बाद विजयनगर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह के निर्देश पर थाना प्रभारी चंद्रकांत पटेल की टीम ने आसपास के 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरे खंगाले। जांच के दौरान हेलमेट और मास्क पहने एक संदिग्ध युवक ऑफिस में आते-जाते दिखाई दिया। साइबर सेल और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपी की पहचान संजय बडोदिया (28) निवासी शांति नगर के रूप में हुई।पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह पहले उसी ऑफिस में काम करता था, लेकिन कुछ दिन पहले उसे नौकरी से निकाल दिया गया था। इसी बात से नाराज होकर उसने बदला लेने की नीयत से ऑफिस की रेकी कर चोरी की वारदात को अंजाम दिया।पुलिस ने आरोपी के घर से चोरी गई रकम में से 1.50 लाख रुपये बरामद किए हैं। आरोपी ने बताया कि बाकी 20 हजार रुपये उसने खाने-पीने और वाहन सुधारने में खर्च कर दिए।विजयनगर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने प्रतिष्ठानों में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम रखें और पूर्व कर्मचारियों का रिकॉर्ड सुरक्षित रखें, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
