
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश और कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देशन में इंदौर में खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने खाद्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ सघन जांच अभियान चलाया। इस दौरान स्कूलों, डेयरियों, मसाला निर्माण इकाइयों, नमकीन और मिठाई प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर कुल 64 खाद्य नमूने जांच के लिए एकत्र किए गए।मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब के माध्यम से 23 खाद्य नमूनों की मौके पर जांच की गई, जिनमें 3 नमूने अमानक (फेल) पाए जाने पर तत्काल वैधानिक कार्रवाई की गई।अभियान के तहत क्वीन्स कॉलेज और चोइथराम स्कूल के मेस व कैंटीन का निरीक्षण किया गया। वहीं FoSCoS पोर्टल पर मिली शिकायतों के आधार पर बाबा कुल्फी (राऊ), यादव डेयरी फार्म और शर्मा कॉस्मेटिक एवं किराना सहित कई प्रतिष्ठानों से दूध, पनीर, मिठाई, नमकीन, मसाले और अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए।इसके अलावा Risk Based Inspection System (RBIS) के तहत कृष्ण मिल्क प्रोडक्ट, LIT Spices, कृष्णा डेयरी स्वीट्स एंड नमकीन, प्रकाश नमकीन उद्योग सहित अन्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर नमूने एकत्र किए गए।खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने सभी संचालकों को स्वच्छता, खाद्य सुरक्षा मानकों, पेस्ट कंट्रोल, मेडिकल फिटनेस, सुरक्षित भंडारण और वैध लाइसेंस संबंधी नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए। सभी 64 नमूनों को राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कार्रवाई की जाएगी।कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि जिले में मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और खाद्य सुरक्षा से जुड़ी हर शिकायत पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।

