इंदौर। कम ब्याज पर तत्काल लोन दिलाने का झांसा देकर 40 लोगों से करीब 25 से 30 लाख रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का विजय नगर पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने फर्जी ‘क्विकराईट फायनेंस कंपनी’ संचालित करने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें पुलिस रिमांड पर लिया गया है।शगुन आर्केड में खोला था फर्जी ऑफिसपुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी शिवम तिवारी ने पूर्व में एक माइक्रो फायनेंस कंपनी में कार्य किया था। अनुभव का लाभ उठाते हुए उसने अपने परिचित देवेंद्र गोलकर और विनय नागर को डायरेक्टर बनाकर विजय नगर स्थित शगुन आर्केड में ‘क्विकराईट फायनेंस कंपनी’ के नाम से कार्यालय शुरू किया। साउथ इंडियन बैंक में कंपनी का करंट अकाउंट खुलवाया गया।आरोपी 5 लाख रुपये तक का लोन बिना गारंटर दिलाने का दावा करते थे। इसके बदले लोन राशि का 20 प्रतिशत मार्जिन मनी अग्रिम जमा कराने की शर्त रखी जाती थी। पीड़ितों से नकद और बैंक ट्रांसफर के माध्यम से राशि ली गई। कंपनी की मैनेजर मिताली यादव रसीद जारी करती थी, जबकि जांच में सामने आया है कि कुछ रकम उसके निजी खाते में भी जमा कराई गई।रकम लेकर हुए फरारलोन स्वीकृत न होने और राशि वापस न मिलने पर पीड़ितों को संदेह हुआ। जब वे कार्यालय पहुंचे तो ऑफिस बंद मिला और आरोपी फरार थे। इसके बाद पीड़ितों ने शिकायत दर्ज कराई। थाना विजय नगर में अपराध क्रमांक 134/26 धारा 316(5), 318(4), 3(5) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर जांच शुरू की गई।वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में कार्रवाईकार्रवाई पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह, पुलिस उपायुक्त जोन-2 कुमार प्रतीक, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त जोन-2 अमरेंद्र सिंह तथा एसीपी विजय नगर पराग सैनी के निर्देशन में की गई। विजयनगर थाना के थाना प्रभारी चंद्रकांत पटेल के नेतृत्व में गठित टीम ने आरोपियों को गिरफ्तार किया।कार्रवाई में उप निरीक्षक बलवीर सिंह रघुवंशी, उप निरीक्षक श्रद्धा सिंह, प्रधान आरक्षक प्रमोद शर्मा, आरक्षक पार्थ, आरक्षक मोनू रघुवंशी तथा साइबर सेल के विनीत और आरक्षक प्रवीण (जोन-02) की महत्वपूर्ण भूमिका रही।पुलिस अब बैंक खातों, लेन-देन और अन्य संभावित पीड़ितों की जांच कर रही है। नागरिकों से अपील की गई है कि किसी भी निजी फायनेंस कंपनी में निवेश या लोन प्रक्रिया से पहले उसकी वैधता और पंजीयन की जांच अवश्य करें तथा बिना पुष्टि अग्रिम राशि जमा न करें।
