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इंदौर/नई दिल्ली। मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र समाप्त होते ही प्रदेश की सियासत दिल्ली में सक्रिय हो गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को अचानक दिल्ली पहुंचे और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस दौरान बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी उनके साथ मौजूद रहे।मुख्यमंत्री की भेंट के बाद पंचायत मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल और नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी अलग-अलग समय पर अमित शाह से मुलाकात की। बताया जा रहा है कि दोनों मंत्रियों ने पहले से समय मांगा था, जिसके बाद उन्हें मुलाकात का अवसर मिला।दिल्ली प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल ने पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व से भी मुलाकात कर संगठनात्मक विषयों तथा राष्ट्रीय कार्यकारिणी में मध्य प्रदेश के प्रतिनिधित्व को लेकर चर्चा की।सूत्रों के अनुसार, केंद्र में संभावित कैबिनेट फेरबदल के बाद प्रदेश में भी मंत्रिमंडल विस्तार की संभावना जताई जा रही है। गृह मंत्री अमित शाह ने प्रदेश की राजनीतिक स्थिति और संगठन को लेकर नेताओं से फीडबैक लिया। वहीं लंबे समय से लंबित निगम-मंडलों में राजनीतिक नियुक्तियों की पहली सूची भी इसी सप्ताह जारी हो सकती है, जिसमें आदिवासी और दलित वर्ग के वरिष्ठ नेताओं को प्राथमिकता मिलने की चर्चा है।मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने भोपाल स्थित यूनियन कार्बाइड परिसर में गैस कांड स्मारक निर्माण को लेकर मार्गदर्शन प्राप्त किया। साथ ही उज्जैन में होने वाले विक्रमोत्सव की जानकारी दी और नक्सल-मुक्त घोषित बालाघाट में आयोजित बैगा महोत्सव में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया।
