बिना पुलिस वेरिफिकेशन सात अस्पतालों की सुरक्षा की जिम्मेदारी, एमटीएच समेत मेडिकल कॉलेज के अस्पतालों की व्यवस्था पर उठे सवाल
इंदौर। शहर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल महाराजा यशवंतराव (MY) अस्पताल समेत एमजीएम मेडिकल कॉलेज से जुड़े अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अस्पताल में सुरक्षा गार्डों के इंचार्ज के रूप में विवेक जायसवाल पिछले करीब तीन महीनों से कार्यरत बताए जा रहे हैं, जबकि उनके खिलाफ दो आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
जानकारी के अनुसार विवेक जायसवाल (पिता: राजेश जायसवाल), निवासी गोविंद कॉलोनी, भवांगंगा, इंदौर के खिलाफ अलग-अलग थानों में प्रकरण दर्ज बताए जाते हैं। पहला मामला वर्ष 2018 में भवांगंगा थाना क्षेत्र में मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(2) के तहत अपराध क्रमांक 989/2018 दर्ज हुआ था। वहीं दूसरा मामला वर्ष 2014 में एरोड्रम थाना क्षेत्र में आयुध अधिनियम 1959 की धारा 25 के तहत अपराध क्रमांक 798/2014 के तहत दर्ज बताया गया है।
बताया जा रहा है कि विवेक जायसवाल को न केवल एमटीएच अस्पताल में सिक्योरिटी इंचार्ज की जिम्मेदारी दी गई है, बल्कि एमजीएम मेडिकल कॉलेज से जुड़े एमवाय अस्पताल, कैसर अस्पताल, चाचा नेहरू अस्पताल, सुपर स्पेशियलिटी और मानसिक चिकित्सालय सहित कुल सात अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था भी उनके जिम्मे बताई जा रही है।
इन अस्पतालों में सुरक्षा और हाउसकीपिंग का जिम्मा बीवीजी कंपनी के पास है। आरोप है कि कंपनी द्वारा कर्मचारियों की नियुक्ति से पहले पुलिस वेरिफिकेशन नहीं कराया गया, जबकि नियमों के अनुसार अस्पताल जैसे संवेदनशील संस्थानों में नियुक्त हर सुरक्षा कर्मचारी का पुलिस सत्यापन अनिवार्य होता है।
गौरतलब है कि एमटीएच अस्पताल में रोजाना 500 से अधिक महिलाएं इलाज के लिए पहुंचती हैं। ऐसे में आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति को सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपे जाने को लेकर अस्पताल प्रशासन और संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। फिलहाल इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।
