गंदगी में बन रही थी कुल्फी, बिना लाइसेंस चल रहा कारोबार… प्रशासन ने ठोका ताला

इंदौर। खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावट और गंदगी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए धार रोड स्थित एक कुल्फी निर्माण इकाई पर छापा मारकर हड़कंप मचा दिया। जांच में खुलासा हुआ कि बिना वैध लाइसेंस के गंदगी भरे माहौल में कुल्फी और फ्रोजन डेजर्ट तैयार किए जा रहे थे। मौके पर फूड हैंडलर्स बिना ग्लव्स, कैप और एप्रोन के काम करते मिले, जबकि कुल्फी के सांचे सीधे फर्श पर रखे पाए गए। गंभीर अनियमितताओं के बाद प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से खाद्य कारोबार बंद करा दिया।कलेक्टर Shivam Verma के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने 6 और 7 मई को शहरभर में ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए अलग-अलग प्रतिष्ठानों से कुल 29 खाद्य नमूने जांच के लिए लिए। धार रोड स्थित माँ इंटरप्राइजेज में “बॉम्बे चौपाटी” ब्रांड की कुल्फी और फ्रोजन डेजर्ट का निर्माण किया जा रहा था, लेकिन संचालक वैध खाद्य लाइसेंस पेश नहीं कर सका।निरीक्षण में निर्माण स्थल पर भारी गंदगी, खुले में रखा कच्चा माल और मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्रों की कमी मिली। टीम ने कुल्फी और फ्रोजन डेजर्ट के 8 नमूने जब्त कर जांच के लिए भेजे।इसके अलावा बियाबानी धार रोड स्थित पंकज आइस कैंडी से 5 नमूने लिए गए। शिकायत मिलने पर राधिका फरियाली एंड सैंडविच और श्री साईं डोसा भवन पर भी कार्रवाई की गई। यहां से साबूदाना खिचड़ी, इडली और चटनी के नमूने जांच के लिए भोपाल लैब भेजे गए।जांच अभियान के दौरान चाइनीज वोक, एशिया 7, मोम स्टेशन जूस, Samosa.nic और अन्य प्रतिष्ठानों से भी खाद्य नमूने लिए गए। कुछ जगहों पर वेज और नॉनवेज खाद्य पदार्थों को अलग-अलग नहीं रखने पर नोटिस भी जारी किए गए।कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि आमजन को सुरक्षित और शुद्ध खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
