इंदौर। लखनऊ के कोचिंग सेंटर अग्निकांड में 15 लोगों की मौत के बाद इंदौर प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए भंवरकुआं और गीता भवन क्षेत्र में 13 से अधिक कोचिंग सेंटर, लाइब्रेरी, होटल और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सील कर दिया गया। प्रशासनिक टीमों ने निरीक्षण के दौरान कई जगह फायर सेफ्टी उपकरणों की कमी, जर्जर भवनों और सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी पाई।कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर एसडीएम घनश्याम धनगर के नेतृत्व में चलाए गए अभियान में कैटेलाइजर, रेज़ोनेंस, रामानुजन, मेडिकोज करियर इंस्टीट्यूट सहित कई संस्थानों की जांच की गई। अधिकारियों ने बताया कि कई संस्थानों को पूर्व में नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन निर्धारित समय में सुधार नहीं किए जाने पर सीलिंग की कार्रवाई की गई।प्रशासन की कार्रवाई केवल कोचिंग संस्थानों तक सीमित नहीं रही। माखनवाला रसोई रेस्टोरेंट में फायर ऑडिट नहीं होने और सुरक्षा मानकों की अनदेखी मिलने पर कार्रवाई की गई। वहीं बेसमेंट में संचालित अवैध ऑटो सेंटर को भी बंद कराया गया।कलेक्टर शिवम वर्मा ने स्पष्ट किया है कि जनसुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर जिला प्रशासन और नगर निगम की संयुक्त टीम लगातार निरीक्षण कर रही है। अब तक फायर सेफ्टी मानकों का पालन नहीं करने पर 70 से अधिक भवनों को सील किया जा चुका है। प्रशासन ने भवन संचालकों को चेतावनी दी है कि सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करें, अन्यथा सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
