संविधान निर्माता और भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर की 135वीं जन्म जयंती उनकी जन्मस्थली महू में अत्यंत उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाई जा रही है। इस विशेष अवसर पर कार्यक्रमों की श्रृंखला 12 अप्रैल से ही प्रारंभ हो गई थी। बाबा साहेब के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट करने के लिए महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान सहित देश के अलग-अलग राज्यों से अनुयायियों और बौद्ध भिक्षु महू पहुंचें हैं। मुख्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक लाख से अधिक लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने संविधान को अमर बनाया। डॉ. आंबेडकर ने संविधान निर्माण के जरिए देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत आधार दिया। उन्होंने सामाजिक समरसता, समानता और एकजुटता के बाबा साहेब के संदेश को आज भी प्रासंगिक बताया। लोगों से उनके आदर्शों पर चलने की अपील भी सीएम मोहन यादव ने की।पटवारी बोले- भाजपा संविधान से खिलवाड़ कर रहीकांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी सुबह बाबा साहेब आंबेडकर की जन्मस्थली महू पहुंचे और उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। उन्होंने यहां जय भीम के नारे लगाए और कहा कि अगर भाजपा को बाबा साहब से प्यार है तो दलितों पर अत्याचार क्यों किया जा रहा है? जीतू पटवारी ने कहा कि भाजपा संविधान से खिलवाड़ करती है। बाबा साहब एक युगदृष्टा और नारी शक्ति के पैरोकार थेसमारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि हम बाबा साहब की जन्मभूमि को तीर्थ मानकर उनकी जयंती मना रहे हैं। उन्होंने बाबा साहब को एक ‘युगदृष्टा’ बताते हुए कहा कि उन्होंने 20वीं शताब्दी में समाज की असमानताओं को पहचानकर उनके विरुद्ध संघर्ष किया। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से महिला सशक्तिकरण में बाबा साहब के योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा बाबा साहब ने महिलाओं को संपत्ति, गोद लेने और तलाक जैसे विधिक अधिकार दिलाए। प्रसूति अवकाश और ‘समान कार्य के लिए समान वेतन’ जैसी अवधारणाएं उन्हीं की देन हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को मिल रहा 33 प्रतिशत आरक्षण बाबा साहब के नारी सशक्तिकरण के सपनों को साकार कर रहा है।सहभोज और सामाजिक समरसता का संदेशइस आयोजन की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी मुख्यमंत्री द्वारा किया गया सहभोज रहा। डॉ. यादव ने विभिन्न राज्यों से आए अनुयायियों के साथ पंक्तिबद्ध बैठकर भोजन ग्रहण किया। उन्होंने कहा कि यह सहभोज केवल भोजन नहीं, बल्कि समाज से भेदभाव मिटाने और आपसी सद्भाव बढ़ाने का सशक्त माध्यम है। बाबा साहब का जीवन ही हमें समानता और भाईचारे के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।शासन की प्रतिबद्धता और नवाचारमुख्यमंत्री ने इस अवसर पर “डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर की दृष्टि में सामाजिक न्याय” पुस्तिका का विमोचन किया और शिक्षाविदों व समाजसेवियों को ‘भीम रत्न अवार्ड’ से सम्मानित किया। राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि अंतरजातीय विवाह के लिए राज्य सरकार प्रत्येक जोड़े को 2 लाख रुपये की सहायता दे रही है। अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के कल्याण के लिए बजट का एक बड़ा हिस्सा आवंटित किया गया है।कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, विधायक उषा ठाकुर सहित अन्य गणमान्य नागरिक और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। विधायक उषा ठाकुर ने भी बाबा साहब के आदर्शों को जीवन में उतारने का आह्वान किया। जन्मस्थली स्मारक पर दिनभर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा, जिससे पूरा वातावरण ‘जय भीम’ के नारों और बाबा साहब के प्रति श्रद्धा के भाव से गुंजायमान रहा।देर रात दी गई मानवंदना और गार्ड ऑफ ऑनरजयंती के मुख्य अवसर से पूर्व महू में सोमवार देर रात ठीक 12 बजे एक भव्य दृश्य देखने को मिला। काली पलटन स्थित बाबा साहेब के जन्म स्मारक पर विशेष मानवंदना आयोजित की गई और गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस सम्मान के तुरंत बाद जोरदार आतिशबाजी की गई जिससे पूरा आसमान रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा उठा। उस समय वहां उपस्थित हजारों अनुयायी इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने और पूरा क्षेत्र जय भीम के नारों से गूंज उठा। अनुयायियों की सुविधा के लिए विशेष प्रबंधस्मारक समिति के सचिव राजेश वानखेड़े ने व्यवस्थाओं की जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में पड़ रही गर्मी को देखते हुए विशेष इंतजाम किए गए हैं। स्मारक परिसर में अनुयायियों के चलने के लिए कारपेट बिछाए गए हैं ताकि उन्हें तपती जमीन से राहत मिल सके और जगह-जगह शीतल पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। प्रशासनिक स्तर पर भोजन और आवास की व्यवस्थामहू एसडीएम राकेश परमार के अनुसार प्रदेश सरकार के निर्देशों पर बाहर से आने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए ठहरने और भोजन के व्यापक प्रबंध प्रशासन द्वारा किए गए हैं। सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए भारी पुलिस बल और स्वयंसेवक तैनात किए गए हैं। इस वर्ष के आयोजन में एक लाख से अधिक लोगों के सम्मिलित होने का अनुमान लगाया गया है जिसके लिए पर्याप्त संसाधन जुटाए गए हैं।


