“हर बार बगावत, हर बार सुर्खियां” — दीपक सोनवाने ने पहले चिंटू चौकसे और अब जीतू पटवारी पर साधा निशाना
रिपोर्ट: रवि यादव
इंदौर। मध्यप्रदेश कांग्रेस में अंदरूनी बयानबाजी और गुटबाजी थमने का नाम नहीं ले रही है। खुद को संगठन का बड़ा चेहरा साबित करने की कोशिशों में जुटे कांग्रेस नेता दीपक सोनवाने ने अब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। हालांकि पार्टी के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं का मानना है कि सोनवाने का जनाधार बेहद सीमित है, लेकिन वे लगातार विवादित बयान देकर सुर्खियों में बने रहने की को,शिश करते रहे हैं।
गौरतलब है कि इससे पहले भी सोनवाने शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे के खिलाफ खुलकर बयानबाजी कर चुके हैं। अब उन्होंने सीधे प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी पर हमला बोलते हुए संगठन पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस के अंदर ही कई नेता इसे व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा और “राजनीतिक प्रासंगिकता बनाए रखने की कोशिश” मान रहे हैं।सोनवाने ने आरोप लगाया कि पुराने कार्यकर्ताओं की अनदेखी की जा रही है और संगठन केवल करीबी लोगों तक सीमित हो गया है। हालांकि पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि कांग्रेस इस समय संगठन विस्तार और आगामी रणनीति पर काम कर रही है, ऐसे में इस तरह के सार्वजनिक बयान पार्टी को नुकसान पहुंचाने वाले हैं।राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि सोनवाने की सक्रियता हाल के दिनों में एक विशेष गुट के करीब बढ़ी है और उनके बयानों को अंदरूनी शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है। कुछ नेताओं का तो यहां तक कहना है कि “जिन नेताओं की संगठन में कोई ठोस भूमिका नहीं बची, वे मीडिया में बयान देकर खुद को प्रासंगिक दिखाने की कोशिश कर रहे हैं।”दीपक सोनवाने ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर “बड़े खुलासे” करने की चेतावनी भी दी है। लेकिन कांग्रेस के भीतर कई कार्यकर्ताओं का कहना है कि हर कुछ महीनों में बयानबाजी और बगावत की राजनीति करने वाले नेताओं से संगठन को ज्यादा नुकसान होता है, फायदा नहीं।अब देखना यह होगा कि कांग्रेस आलाकमान इस बयानबाजी को कितनी गंभीरता से लेता है, या फिर इसे संगठन के भीतर सीमित प्रभाव वाले नेता की नाराजगी मानकर नजरअंदाज कर दिया जाता है।
