
इंदौर, 25 मई 2026। मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम (एमपीआईडीसी) प्रदेश में औद्योगिक अधोसंरचना विकास को नई दिशा देने के लिए “बिल्ट-अप स्पेस आधारित औद्योगिक परिसरों” के विकास पर कार्य कर रहा है। इसके तहत आधुनिक “रेडी-टू-यूज” और “प्लग-एंड-प्ले” अधोसंरचना विकसित की जा रही है, जिससे निवेशकों को कम समय में संचालन शुरू करने की सुविधा मिलेगी।एमपीआईडीसी के अनुसार, ये परियोजनाएं औद्योगिक निवेश, रोजगार सृजन, निर्यात वृद्धि और आर्थिक विकास को बढ़ावा देंगी। इसी क्रम में इंदौर में आईटी पार्क-3 और आईटी पार्क-4 विकसित किए जा रहे हैं।आईटी पार्क-3 में करीब 11 लाख वर्गफीट निर्मित क्षेत्र विकसित किया जा रहा है, जिसकी अनुमानित लागत 550 करोड़ रुपए है। परियोजना का लगभग 70 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और दिसंबर 2026 तक इसके पूर्ण होने की संभावना है। 21 मंजिला यह भवन मध्यभारत का सबसे ऊंचा आईटी पार्क होगा। इससे करीब 10 हजार रोजगार के अवसर सृजित होने का अनुमान है। परियोजना में क्रेच, वॉक-वे, सीसीटीवी कवरेज, ईवी चार्जिंग स्टेशन, फूड जोन और कमर्शियल स्पेस जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।वहीं, आईटी पार्क-4 को 9 मंजिला आधुनिक आईटी परिसर के रूप में विकसित किया जा रहा है। लगभग 1 लाख वर्गफीट क्षेत्र में बनाई जा रही इस परियोजना की स्वीकृत लागत 47 करोड़ रुपए है। परियोजना का करीब 90 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और इसे आगामी माह में लीज के लिए उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। इस परियोजना से लगभग 1500 रोजगार के अवसर सृजित होने का अनुमान है।एमपीआईडीसी के मुताबिक, इन परियोजनाओं के शुरू होने से आईटी कंपनियों, स्टार्टअप्स और सेवा क्षेत्र आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा तथा इंदौर की पहचान देश के प्रमुख आईटी हब के रूप में और मजबूत होगी।


