वार्ड 33 में शुरू हुआ वाटर रिचार्जिंग अभियान, भूजल स्तर बढ़ाने और जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की दिशा में उठाया अहम कदम
इंदौर। शहर में बढ़ते जल संकट और लगातार गिरते भूजल स्तर को देखते हुए वार्ड क्रमांक 33 के पार्षद मनोज मिश्रा ने जल संरक्षण की दिशा में एक सराहनीय पहल करते हुए वाटर रिचार्जिंग एवं जल संवर्धन अभियान की शुरुआत की है। शुक्रवार को सीएम सेकंड कॉलोनी स्थित वंदे मातरम गार्डन में इस अभियान का शुभारंभ किया गया, जहां वर्षा जल को संरक्षित कर भूजल स्तर बढ़ाने के लिए विशेष व्यवस्थाओं पर कार्य शुरू किया गया।पार्षद मनोज मिश्रा ने बताया कि इंदौर के कई क्षेत्रों में पेयजल संकट गहराता जा रहा है और बोरिंग व ट्यूबवेल का जलस्तर लगातार नीचे जा रहा है। ऐसी स्थिति में वर्षा जल का अधिकतम संरक्षण ही भविष्य के जल संकट का प्रभावी समाधान बन सकता है। इसी सोच के साथ वार्ड 33 में व्यापक स्तर पर वाटर रिचार्जिंग अभियान चलाया जा रहा है।अभियान के तहत वंदे मातरम गार्डन में पहले से मौजूद जल संवर्धन संरचनाओं की साफ-सफाई कर उन्हें पुनः सक्रिय किया गया है। साथ ही ऐसी तकनीकी व्यवस्थाएं विकसित की जा रही हैं, जिनसे वर्षा का पानी सीधे रिचार्जिंग सिस्टम तक पहुंचे और अधिक से अधिक जल भूगर्भ में संग्रहित हो सके।मनोज मिश्रा ने कहा कि यह अभियान केवल एक स्थान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे वार्ड में चरणबद्ध तरीके से चलाया जाएगा। जिन क्षेत्रों में पर्याप्त पानी देने वाले बोरिंग मौजूद हैं, वहां स्थानीय रहवासी संघों और नागरिकों के सहयोग से नगर निगम की सहभागिता में वाटर रिचार्जिंग के कार्य किए जाएंगे।उन्होंने नागरिकों से भी अपने घरों, कॉलोनियों और सार्वजनिक स्थलों पर वर्षा जल संचयन एवं वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था विकसित करने की अपील की। उनका कहना है कि यदि आज वर्षा जल को सहेजने के लिए सामूहिक प्रयास किए जाएं तो आने वाले वर्षों में जल संकट की गंभीरता को काफी हद तक कम किया जा सकता है।कार्यक्रम में रहवासी संघों के पदाधिकारी, क्षेत्रीय नागरिक एवं बड़ी संख्या में स्थानीय रहवासी उपस्थित रहे। सभी ने पार्षद मनोज मिश्रा की इस पहल की सराहना करते हुए इसे समय की आवश्यकता बताया। बारिश से पहले शुरू किया गया यह अभियान जल संरक्षण के साथ-साथ लोगों में जागरूकता बढ़ाने का भी प्रभावी माध्यम बन रहा है।
