इंदौर। बच्चों की सुरक्षा और उनमें जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से इंदौर पुलिस द्वारा शुरू किए गए “स्मार्ट एंड सेफ चाइल्ड” अभियान को नागरिकों का भरपूर समर्थन मिल रहा है। पुलिस उपायुक्त जोन-2 श्री अमन सिंह राठौड़ के निर्देशन में चलाए जा रहे इस अभिनव अभियान के तहत बच्चों को सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां देकर उन्हें पुलिस से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।अभियान के अंतर्गत सी-21 मॉल, मॉल्हार मेगा मॉल सहित शहर के विभिन्न भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने बच्चों एवं उनके परिजनों से संवाद किया। इस दौरान बच्चों को मित्रवत माहौल में समझाया गया कि किसी आपातकालीन स्थिति, रास्ता भटकने या परिजनों से बिछड़ जाने पर उन्हें क्या करना चाहिए और पुलिस उनकी किस प्रकार मदद कर सकती है।पुलिस ने विशेष रूप से 4 से 8 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों से उनके माता-पिता के मोबाइल नंबर पूछे और उन्हें यह याद रखने के लिए प्रेरित किया। साथ ही डायल-112 सहित अन्य आपातकालीन सहायता नंबरों की जानकारी भी दी गई। बच्चों को बताया गया कि किसी भी संकट की स्थिति में वे पुलिस, सुरक्षा गार्ड या किसी जिम्मेदार वयस्क की सहायता ले सकते हैं।अभियान के दौरान बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सही उत्तर देने वाले बच्चों को पुलिस द्वारा पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया गया। इससे बच्चों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ी और पुलिस के प्रति विश्वास एवं आत्मीयता का भाव भी मजबूत हुआ।अभिभावकों और उपस्थित नागरिकों ने इंदौर पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए इसे बच्चों की सुरक्षा और जन-जागरूकता की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया।पुलिस उपायुक्त जोन-2 श्री अमन सिंह राठौड़ ने कहा कि इंदौर पुलिस का उद्देश्य केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग, विशेषकर बच्चों के साथ विश्वास और सुरक्षा का मजबूत रिश्ता स्थापित करना भी है। उन्होंने बताया कि भविष्य में भी ऐसे जन-जागरूकता कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाते रहेंगे।इंदौर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को माता-पिता का मोबाइल नंबर, घर का पता तथा आपातकालीन सहायता नंबर अवश्य याद कराएं, ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें तुरंत सहायता मिल सके।
