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स्मार्ट सिटी के दावों पर जलभराव का करारा तमाचा, आखिर जिम्मेदार कौन?
खबर सत्याग्रह | इंदौरइंदौर में प्री-मानसून की पहली बारिशों ने ही नगर निगम और जल निकासी व्यवस्था के दावों की हकीकत सामने ला दी है। शहर के पॉश एरिया स्कीम नंबर 78 में दूसरी ही बारिश के बाद हालात बद से बदतर नजर आए। सड़कों पर इतना पानी भर गया कि पूरा इलाका तालाब में तब्दील होता दिखाई दिया।स्थानीय रहवासियों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर वाहन पानी में फंस गए, जबकि लोगों को घरों से निकलने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। करोड़ों रुपए के विकास कार्यों और बेहतर ड्रेनेज सिस्टम के दावों के बावजूद पॉश इलाके में इस तरह जलभराव होना कई सवाल खड़े करता है।चिंता की बात यह है कि यह स्थिति तब है जब अभी मानसून ने पूरी तरह दस्तक भी नहीं दी है। प्री-मानसून की शुरुआती बारिशों ने ही शहर की व्यवस्था की पोल खोल दी है। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि यदि पहली ही बारिश में पॉश इलाकों का यह हाल है, तो आगामी दिनों में होने वाली भारी मानसूनी बारिश के दौरान शहर की स्थिति क्या होगी?स्मार्ट सिटी कहे जाने वाले इंदौर में अगर विकसित और पॉश क्षेत्रों में जलभराव की यह तस्वीर है, तो आम बस्तियों और निचले इलाकों की स्थिति का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। अब देखना यह होगा कि नगर निगम इस समस्या की जिम्मेदारी तय कर शहरवासियों को राहत देने के लिए क्या ठोस कदम उठाता है, या फिर हर साल की तरह बारिश के साथ जलभराव की समस्या भी लोगों की परेशानी बनी रहेगी।
