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कलेक्टर कार्यालय के बाहर भूख हड़ताल, अनशनस्थल पहुंचे महापौर
राऊ स्थित वर्षों पुराने प्राचीन भूतनाथ मंदिर के मार्ग को लेकर चल रहा विवाद अब उग्र आंदोलन में बदल गया है। मंदिर समिति और ग्रामीणों ने मंदिर का पारंपरिक रास्ता बहाल करने की मांग को लेकर कलेक्टर कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना और भूख हड़ताल शुरू कर दी है।ग्रामीणों का आरोप है कि मंदिर के समीप स्थित एक रिसॉर्ट संचालक ने श्रद्धालुओं के आने-जाने वाले वर्षों पुराने मार्ग को बंद कर दिया है, जिससे मंदिर पहुंचने में भारी परेशानी हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि वे पिछले कई दिनों से जनसुनवाई में शिकायतें दर्ज करा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।मंदिर समिति से जुड़े रवि पाटीदार ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पटवारी और तहसीलदार की मिलीभगत से दस्तावेजों में कथित तौर पर छेड़छाड़ कर रिसॉर्ट संचालक को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मंदिर का रास्ता जल्द नहीं खोला गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी इसमें शामिल होंगे।इधर, कलेक्टर शिवम वर्मा ने मामले की जांच के लिए एक समिति गठित कर दी है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के दस्तावेजों की जांच कर तथ्यों के आधार पर निर्णय लिया जाएगा, ताकि विवाद का निष्पक्ष समाधान हो सके।धरना और भूख हड़ताल के बीच सोमवार देर रात करीब 10 बजे इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव भी अनशन स्थल पहुंचे। उन्होंने मंदिर समिति के पदाधिकारियों और ग्रामीणों से चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा मामले के समाधान के लिए प्रशासन से उचित स्तर पर चर्चा करने का भरोसा दिलाया। महापौर के पहुंचने से आंदोलनकारियों में उम्मीद जगी, हालांकि ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि जब तक मंदिर का पारंपरिक मार्ग नहीं खुलता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
