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इंदौर। उषा नगर में कुत्तों को खाना खिलाने को लेकर शुरू हुए विवाद में अब सामने आए सीसीटीवी फुटेज ने घटनाक्रम को नया मोड़ दे दिया है। भाजपा नेता वीरेंद्र शेंडगे, शानू दिघे व उनके साथियों के खिलाफ दर्ज प्रकरण की जांच फुटेज के आधार पर आगे बढ़ रही है। फरियादी पक्ष से जुड़े मितेश, सुयश, चेतन पाटील और अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है।पुलिस सूत्रों के मुताबिक अब तक मामले में जो बयान सामने आए थे, उनकी पड़ताल सीसीटीवी फुटेज से की जा रही है। जांच अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि विवाद की शुरुआत वास्तव में कैसे हुई और मारपीट का पहला हमला किस पक्ष ने किया।मामले की शुरुआत शनिवार रात उस समय हुई थी जब मितेश उषा नगर क्षेत्र में कुत्तों को खाना खिलाने पहुंचे थे। इसी दौरान उनकी भाजपा नेता वीरेंद्र शेंडगे और उनके साथियों से कहासुनी हो गई। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर मितेश और उनके पिता के साथ मारपीट की गई। बाद में बीच-बचाव करने पहुंचे सुयश और उनकी पत्नी भी विवाद में घिर गए। इसके बाद संघ से जुड़े चेतन पाटील मौके पर पहुंचे। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि चेतन पाटील के साथ भी मारपीट की गई।घटना के बाद स्वयंसेवक पर हमला होने की जानकारी विभिन्न समूहों में फैल गई और अगले ही दिन बड़ी संख्या में लोग क्षेत्र में पहुंच गए। रविवार को हालात उस समय और बिगड़ गए जब वीरेंद्र शेंडगे और शानू दिघे के घरों के बाहर पथराव और तोड़फोड़ हुई। कई वाहनों और संपत्तियों को नुकसान पहुंचा। पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात करना पड़ा।मामले में दर्ज एफआईआर के अनुसार फरियादी जयानी आगर ने आरोप लगाया है कि वीरेंद्र शेंडगे, शानू दिघे और अन्य आरोपी उनके घर में घुस आए थे। आरोप है कि आरोपियों ने चाकू और पिस्टल दिखाकर जान से मारने की धमकी दी, घर में तोड़फोड़ की और परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट की। शिकायत में प्रणय, मनीष सहित अन्य लोगों के नाम भी शामिल बताए जा रहे हैं।
