
इंदौर की पॉश कॉलोनी तुलसी नगर में आबकारी विभाग ने अवैध शराब निर्माण के बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है। तीन दिनों तक गोपनीय निगरानी और रैकी के बाद विभाग ने एक तीन मंजिला मकान पर छापा मारकर वहां संचालित नकली शराब फैक्ट्री का खुलासा किया। कार्रवाई के दौरान 144 बल्क लीटर देशी शराब, स्प्रिट, कैरेमल, हजारों फर्जी लेबल, होलोग्राम, पैकेजिंग सामग्री, शराब की बोतलों के कैप, कार्टन और दो ब्लेंडर मशीनें बरामद की गईं।
यह कार्रवाई कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश एवं सहायक आबकारी आयुक्त अभिषेक तिवारी के मार्गदर्शन में की गई। कार्रवाई को सफल बनाने में आबकारी आरक्षक देवेश चतुर्वेदी और कमलेश निहोरे की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। दोनों ने टीम के साथ मिलकर पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया और अवैध शराब निर्माण का भंडाफोड़ किया।
जांच के दौरान मध्यप्रदेश के साथ ही राजस्थान में प्रचलित कई ब्रांडों के नकली लेबल, होलोग्राम और पैकेजिंग सामग्री भी बरामद हुई है, जिससे अंतरराज्यीय स्तर पर संचालित नेटवर्क की आशंका जताई जा रही है। विभाग का मानना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो बड़ी मात्रा में नकली शराब बाजार में पहुंच सकती थी।
आबकारी विभाग ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया है। अब पूरे गिरोह, सप्लाई नेटवर्क और इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। विभाग ने आमजन से भी अपील की है कि अवैध शराब के निर्माण, भंडारण, परिवहन या बिक्री की कोई भी सूचना तत्काल आबकारी विभाग को दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
