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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैतूल जिले के प्रसिद्ध हिल स्टेशन कुकरू के दो दिवसीय दौरे के दौरान प्रशासनिक कार्यक्रमों के साथ-साथ ग्रामीण जीवन, कृषि और स्थानीय संस्कृति से जुड़ाव का संदेश दिया। रविवार को उनका कई अलग-अलग गतिविधियों में हिस्सा लेना लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा।सुबह मुख्यमंत्री स्थानीय किसान मारोती बाबसकर के खेत पहुंचे, जहां उन्होंने पारंपरिक तरीके से स्वयं हल चलाकर खेती-किसानी के प्रति सम्मान व्यक्त किया। इस दौरान उन्होंने किसान से फसल, खेती की चुनौतियों और कृषि संबंधी गतिविधियों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने किसानों को आधुनिक तकनीकों और सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर कृषि को अधिक लाभकारी बनाने की सलाह दी।लाठी घुमाईखेत में मौजूद एक युवक के अनुरोध पर मुख्यमंत्री ने पारंपरिक लाठी भी घुमाई। उनका यह सहज और आत्मीय अंदाज़ वहां मौजूद ग्रामीणों को काफी पसंद आया और लोगों ने तालियों के साथ उनका उत्साहवर्धन किया।लोगों को दिया योग से संदेशदौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने सुबह योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि मानसिक और शारीरिक संतुलन बनाए रखने का प्रभावी माध्यम है। उनके साथ कई लोगों ने भी योगाभ्यास किया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ का सामूहिक श्रवण कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों के साथ किया।अपने प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं, किसानों और स्थानीय ग्रामीणों से संवाद किया। साथ ही उन्होंने क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता, पर्यटन संभावनाओं और ग्रामीण विकास को लेकर भी चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुकरू को पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य किया जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और पलायन पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
