
इंदौर में पीसीपीएनडीटी अधिनियम के तहत जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए डॉ. दीक्षा वुमेन्स क्लिनिक एवं सोनोग्राफी केन्द्र का पंजीयन निलंबित कर उसके संचालन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। यह कार्रवाई कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर की गई।औचक निरीक्षण के दौरान नोडल अधिकारी डॉ. निर्मला अखण्ड और निरीक्षण दल ने पाया कि क्लिनिक में डॉ. पूनम रायकवार ओपीडी संचालित कर रही थीं, जबकि केन्द्र का पंजीयन डॉ. दीक्षा छाछरिया के नाम पर है। इसे प्रथम दृष्टया पीसीपीएनडीटी अधिनियम का उल्लंघन मानते हुए केन्द्र के दस्तावेज और अभिलेख सीज किए गए।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हासानी की रिपोर्ट के आधार पर 3 जुलाई 2026 को क्लिनिक का पीसीपीएनडीटी पंजीयन निलंबित कर दिया गया और सोनोग्राफी केन्द्र का संचालन बंद करा दिया गया। कलेक्टर ने संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर नियमानुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई के भी निर्देश दिए हैं।
