एशिया की सबसे बड़ी कृत्रिम झीलों में शुमार बड़ा तालाब राजधानी की जीवनरेखा, पर्यटकों को भी कर रहा आकर्षित
बारिश के दिनों में राजधानी भोपाल का प्रसिद्ध बड़ा तालाब पूरी तरह अपने शबाब पर पहुंच गया है। मानसून के बीच तालाब का मनमोहक दृश्य लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक और पर्यटक यहां पहुंचकर प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद ले रहे हैं।भोपाल के मध्य में स्थित बड़ा तालाब, जिसे अंग्रेज़ी में अपर लेक (Upper Lake) और भोजताल के नाम से भी जाना जाता है, 11वीं शताब्दी में राजा भोज द्वारा बनवाया गया था। इसे एशिया की सबसे बड़ी मानव निर्मित झीलों में गिना जाता है और यह भोपाल की पहचान माना जाता है।भोपाल में एक प्रसिद्ध कहावत है— “तालों में ताल भोपाल का ताल, बाकी सब तलैया।” यह कहावत इस विशाल जलाशय के महत्व को दर्शाती है। बड़ा तालाब राजधानी के करीब 40 प्रतिशत लोगों की पेयजल आवश्यकता पूरी करता है और प्रतिदिन लाखों लीटर पानी की आपूर्ति का प्रमुख स्रोत है।बड़ा तालाब और छोटा तालाब मिलकर भोज आर्द्रभूमि (Bhoj Wetland) का निर्माण करते हैं, जिसे रामसर स्थल का दर्जा प्राप्त है। तालाब के दक्षिणी हिस्से में स्थित वन विहार राष्ट्रीय उद्यान इसकी प्राकृतिक सुंदरता को और भी आकर्षक बनाता है। मानसून के दौरान बड़ा तालाब अपने पूरे शबाब पर नजर आ रहा है और भोपाल की खूबसूरती में चार चांद लगा रहा है।
