इंदौर। खजराना पुलिस ने वर्ष 2015 में हुए 17 वर्षीय नाबालिग के हत्याकांड का 11 साल बाद खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने लूट के इरादे से नाबालिग की हत्या की थी और पहचान छिपाने के लिए शव को बायपास पर ले जाकर जला दिया था। मामले में शामिल तीसरे आरोपी परवेज की मौत हो चुकी है।टीआई मनोज सेंधव की टीम ने दौलतबाग निवासी अकील उर्फ नाईट्रा, पिता इम्तियाज शेख और गोहर कॉलोनी निवासी आरिफ उर्फ नाईट्रा, पिता मोहम्मद शाकिर को गिरफ्तार किया है। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि अकील एक दुकान पर नशे की हालत में पुराने हत्याकांड की बात कर रहा है। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें 2015 के हत्याकांड का राज खुल गया।पुलिस के अनुसार, अकील ने अपने दोनों साथियों के साथ मिलकर 17 वर्षीय नाबालिग की लूट के इरादे से हत्या की थी। आरोपियों ने उसके पास से सोने का पेंडल, चांदी की चेन सहित अन्य सामान लूट लिया था। नाबालिग की बाइक को उन्होंने लावारिस हालत में छोड़ दिया था। इसके बाद शव को बायपास पर ले जाकर जला दिया गया था, जहां पुलिस को जला हुआ शव मिला था।11 साल में कई मामलों में पकड़ा गया आरोपीहत्याकांड के बाद अकील के खिलाफ उज्जैन, लसूड़िया, एमआईजी और कनाड़िया सहित अन्य थानों में मामले दर्ज हुए और उसकी गिरफ्तारी भी हुई। वर्ष 2024 में खजराना पुलिस ने उसे अवैध हथियार और एक अन्य मामले में दो बार गिरफ्तार किया था। इसके बावजूद पूछताछ के दौरान उसने 2015 के हत्याकांड का खुलासा नहीं किया।वहीं, दूसरा आरोपी आरिफ भी वर्ष 2015 में चोरी के एक मामले में खजराना पुलिस के हत्थे चढ़ चुका था। इसके बावजूद उस समय पुलिस को हत्याकांड से जुड़ा कोई सुराग नहीं मिल सका था। करीब दो साल तक कोई ठोस जानकारी नहीं मिलने के बाद मामले की फाइल बंद कर दी गई थी।अब मुखबिर की सूचना और आरोपी से पूछताछ के बाद पुलिस ने 11 साल पुराने हत्याकांड का खुलासा कर दिया है। पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है।
