इंदौर। थाना परदेशीपुरा पुलिस ने ऑपरेशन MATRIX 2.0 के तहत मल्टी-स्टेट साइबर फ्रॉड में इस्तेमाल किए जा रहे म्यूल बैंक खातों की खरीद-फरोख्त करने वाले नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में 5 नामजद आरोपियों में से 4 को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, जबकि एक आरोपी की तलाश जारी है।जांच में सामने आया कि साइबर अपराधों में इस्तेमाल होने वाले बैंक खाते पहले करीब ₹2,000 में खुलवाए जाते थे, जिसके बाद उन्हें आगे ₹5,000 और फिर ₹10,000 तक में बेचा जाता था। इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम के लेन-देन के लिए किया जा रहा था।पुलिस जांच में संबंधित बैंक खाता आंध्रप्रदेश और उत्तरप्रदेश में दर्ज साइबर फ्रॉड की शिकायतों से जुड़ा मिला है। इसके बाद पुलिस ने खाते और उससे जुड़े नेटवर्क की जांच करते हुए आरोपियों तक पहुंच बनाई।इंदौर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपना बैंक खाता, ATM कार्ड, चेकबुक, पासबुक, SIM या अन्य बैंकिंग दस्तावेज किसी दूसरे व्यक्ति को न दें। पुलिस के मुताबिक, यदि किसी व्यक्ति के बैंक खाते का इस्तेमाल साइबर अपराध में होता है, तो खाताधारक भी जांच के दायरे में आ सकता है।
