हीरानगर पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई, 5 दिन में सुलझाई सूने घर की चोरी; ₹2.85 लाख नकद समेत करीब ₹7.47 लाख का माल बरामद
इंदौर। हीरानगर थाना पुलिस ने सूने मकान में हुई चोरी के मामले में ऐसी तेज और प्रभावी कार्रवाई की है, जिसकी चर्चा पुलिस महकमे में भी हो रही है। चोरी के आरोपियों की तलाश में पुलिस टीम ने इंदौर से करीब 1000 किलोमीटर तक उनका पीछा किया और राजस्थान के खाटूश्याम मंदिर क्षेत्र से तीन आरोपियों को पकड़ लिया।पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने सूने मकान का ताला तोड़कर गोदरेज अलमारी में रखे सोने-चांदी के जेवर और नकदी पर हाथ साफ किया था। घटना की सूचना मिलते ही हीरानगर पुलिस ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी।सैकड़ों CCTV कैमरों की फुटेज खंगालीपुलिस टीम ने घटनास्थल से लेकर संभावित रास्तों तक लगे सैकड़ों CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। कैमरों से मिले सुरागों को जोड़ते हुए पुलिस लगातार आरोपियों का पीछा करती रही। जांच के दौरान आरोपियों की लोकेशन इंदौर से काफी दूर राजस्थान की ओर मिली।पुलिस टीम ने करीब 1000 किलोमीटर तक आरोपियों का पीछा करते हुए खाटूश्याम मंदिर क्षेत्र में दबिश दी, जहां से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।नकदी और लाखों के जेवर बरामदपुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल ₹2 लाख 85 हजार की नकदी बरामद की। इसके अलावा सोने-चांदी जैसे धातु के आभूषण एवं अन्य सामान भी बरामद किया गया।पुलिस के अनुसार बरामद सामान की कुल अनुमानित कीमत करीब ₹7 लाख 47 हजार 219 रुपये है।बरामद माल में सोने जैसी धातु की चैन, पुरुषों की अंगूठियां, चांदी जैसी धातु की पायजेब, बिछिया, कड़े, चांदी के सिक्के, कटोरी-चम्मच सहित अन्य सामान शामिल है।तीनों आरोपी इंदौर के रहने वालेपुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है—1. दीपक पिता राजू कौशल, उम्र 22 वर्ष, निवासी सांवरिया मंदिर के पास, मूसाखेड़ी, इंदौर।2. प्रवेश उर्फ छोटू पिता सुरेश मालवीय, उम्र 20 वर्ष, निवासी आईडीए बिल्डिंग, मूसाखेड़ी, इंदौर।3. करण पिता संजय अहीरवार, उम्र 22 वर्ष, निवासी रवि नगर आईडीए कॉलोनी, मूसाखेड़ी, इंदौर।पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ जारी है। पूछताछ में चोरी की अन्य वारदातों के भी खुलासे की संभावना है।हीरानगर पुलिस की टीम ने दिखाई तत्परतापूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक सुशील पटेल, सउनि. राजेंद्र सिंह रघुवंशी, प्रधान आरक्षक कालीचरण, प्रधान आरक्षक देवेंद्र यादव, आरक्षक विश्वरतन और आरक्षक अजय प्रताप सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
