
इंदौर, 17 अप्रैल 2026इंदौर के अहिल्या पलटन क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की की शादी प्रशासन की सतर्कता से रुकवा दी गई। यहां विवाह की पूरी तैयारियां हो चुकी थीं, मंडप सजा हुआ था और रस्में भी शुरू हो गई थीं। इसी दौरान शिकायत मिलने पर महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम मौके पर पहुंची और परिजनों को विवाह रोकने के लिए कहा।लड़की के पिता ने टीम के सामने दावा किया कि उनके समाज में 2 साल पहले शादी करने की छूट है और परंपरा के अनुसार कम उम्र में विवाह किया जा सकता है। जब अधिकारियों ने इस दावे के समर्थन में शासन का कोई आदेश दिखाने को कहा, तो परिवार कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सका।जांच में पाया गया कि लड़की की उम्र 18 वर्ष पूरी होने में करीब 6 महीने बाकी है। इसके बाद टीम ने परिजनों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, इसके तहत सजा के प्रावधान और कम उम्र में शादी के नुकसान के बारे में विस्तार से समझाया। काफी देर तक चली समझाइश के बाद दोनों पक्ष विवाह निरस्त करने के लिए तैयार हो गए।परिजनों ने बताया कि शादी की तैयारियों में खर्च हो चुका है और निमंत्रण पत्र भी बांटे जा चुके हैं, इसलिए आने वाले मेहमानों को भोजन कराया जाएगा। प्रशासन ने इस पर सहमति देते हुए केवल भोजन कराने की अनुमति दी।अधिकारियों के अनुसार, 19 अप्रैल को तय विवाह तिथि पर भी नजर रखी जाएगी। यदि शपथ पत्र देने के बावजूद विवाह किया गया तो संबंधितों के खिलाफ बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।जिले में बाल विवाह रोकथाम के लिए कलेक्टर के निर्देश पर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। शिकायत मिलने पर तत्काल टीम मौके पर पहुंचकर पहले समझाइश देती है और जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई भी की जाती है।
