इंदौर के हीरानगर इलाके में नगर सुरक्षा समिति के सदस्य से मारपीट के मामले में गिरफ्तार हुए लॉ स्टूडेंट अभिराज उर्फ विराज पाठक और उसके दो साथियों ने अब पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। तीनों को पुलिस ने नगर सुरक्षा समिति सदस्य से विवाद और मारपीट के मामले में गिरफ्तार कर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के बाद जेल भेजा था।जमानत पर छूटने के दो दिन बाद मंगलवार को अभिराज उर्फ विराज पाठक पुलिस कमिश्नर कार्यालय की जनसुनवाई में पहुंचा। उसने हीरानगर थाने के पुलिसकर्मियों और नगर सुरक्षा समिति के सदस्यों पर मारपीट करने का आरोप लगाया। अभिराज ने पुलिस पर उससे 30 हजार रुपए लेने का भी आरोप लगाया है। उसका कहना है कि एफआईआर दर्ज करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया। मेडिकल कराने के बाद उसे पुलिस चौकी में बैठाकर रखने का भी आरोप लगाया गया।हीरानगर थाने के नगर सुरक्षा समिति सदस्य गणेश चौधरी ने 20 अगस्त को अभिराज पाठक, प्रियांशु और आदित्य के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। गणेश के मुताबिक, रात में एचडीएफसी बैंक के सामने उनकी ड्यूटी लगी थी। इसी दौरान तीनों युवक बाइक से वहां पहुंचे। बाइक लहराकर चलाने को लेकर पूछताछ करने पर विवाद शुरू हो गया।गणेश का आरोप है कि अभिराज ने हाथ में पहने कड़े से उसके सिर पर वार किया। इसके बाद ड्यूटी कर रहे हर्ष और बंटी भी मौके पर पहुंचे। आरोप है कि अभिराज और उसके साथियों ने गणेश को जमीन पर गिराकर मारपीट की। साथियों ने बीच-बचाव कर उसे बचाया और पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों को थाने ले गई।पुलिस के मुताबिक, तीनों युवक शराब के नशे में थे और सड़क पर हंगामा कर रहे थे। मामले में एसीपी रूबीना मिजवानी ने तीनों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेजा था। शुक्रवार को तीनों को जेल भेजा गया, जबकि शनिवार को उन्हें जमानत मिल गई।युवकों के परिजनों ने आरोप लगाया कि तीनों को थाने की जगह पुलिस चौकी में बैठाकर रखा गया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मेडिकल के बाद परिजनों ने तीनों को नाश्ता कराने के लिए कहा था। मानवीय आधार पर उन्हें कुछ देर वहां रोका गया था। इसी दौरान परिजनों पर दबाव बनाकर वीडियो बनाने का आरोप है।एसीपी रूबीना मिजवानी के मुताबिक, नगर सुरक्षा समिति सदस्य से मारपीट की शिकायत के आधार पर कार्रवाई की गई थी। वहीं युवकों द्वारा पुलिस पर लगाए गए आरोपों की भी जांच की जा रही है। जांच के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट होगी।
