इंदौर। रानीपुरा इलाके में सोमवार को नगर निगम की रिमूवल कार्रवाई के दौरान दुकानदारों और निगम अमले के बीच विवाद हो गया। निगम की टीम दुकानों के बाहर बने अस्थायी ओटले और पार्टिशन हटाने पहुंची थी। कार्रवाई रानीपुरा से संजय सेतु ब्रिज की ओर बढ़ी तो कुछ दुकानदारों ने विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और कहासुनी होने लगी।नगर निगम की टीम ने पुलिस बल की मौजूदगी में करीब 60 से 70 दुकानों के बाहर बने अस्थायी पार्टिशन और ओटले हटाए। इसके साथ ही फुटपाथ पर लगी करीब 8 से 10 गुमटियों को भी हटाया गया। कार्रवाई के दौरान रिमूवल अधिकारी बबलू कल्याणे और दुकानदारों के बीच भी कहासुनी हुई।दुकानदारों ने रोड जाम करने की कोशिश कीकार्रवाई का विरोध करते हुए कुछ दुकानदार सड़क पर उतर आए और वाहनों को रोकने की कोशिश करने लगे। सूचना मिलते ही ACP विनोद दीक्षित और ACP रूबिना मिजवानी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दुकानदारों को सड़क से हटाकर यातायात बहाल कराया, जिसके बाद निगम की कार्रवाई दोबारा शुरू हो सकी।रानीपुरा के बाद नगर निगम की टीम ने जेल रोड पर भी अस्थायी निर्माण हटाने की कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान तुकोगंज, सेंट्रल कोतवाली और एमजी रोड थाने का पुलिस बल तैनात रहा।कई बार मुनादी के बाद कार्रवाईभवन अधिकारी अंकेश बिरथरिया ने बताया कि रानीपुरा शहर के मध्य क्षेत्र में होने के कारण यहां पीक आवर्स में भारी ट्रैफिक रहता है। निगम कमिश्नर और पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर कार्रवाई से पहले कई बार मुनादी कराई गई थी। दुकानदारों को व्यक्तिगत रूप से भी दुकानों के बाहर बने अस्थायी निर्माण हटाने और सामान बाहर नहीं रखने की समझाइश दी गई थी।उन्होंने बताया कि दुकानों के बाहर बने पार्टिशन और ओटलों के कारण सड़क व फुटपाथ पर जगह कम हो रही थी। इसी वजह से कार्रवाई की गई। निगम अधिकारी के मुताबिक ये अस्थायी निर्माण थे, इसलिए अलग से नोटिस देने की आवश्यकता नहीं थी। दुकानदारों को दोबारा अनाउंसमेंट कर चेतावनी दी गई है कि भविष्य में अस्थायी निर्माण न करें और दुकानों के बाहर सामान न रखें, अन्यथा दोबारा कार्रवाई की जाएगी।
