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भोजशाला में गूंजे जय श्रीराम के जयकारे, शंखध्वनि से हुई महाआरती
भोजशाला में एमपी हाईकोर्ट के फैसले के बाद पहला शुक्रवार ऐतिहासिक बन गया। सदियों बाद ऐसा पहली बार देखने को मिला, जब शुक्रवार के दिन परिसर में सिर्फ “जय श्रीराम” और “जय मां वाग्देवी” के जयकारे गूंजते नजर आए। शंखध्वनि और भजन-कीर्तन के बीच भोजशाला में महाआरती आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।सुबह से ही धार सहित आसपास के जिलों से हिंदू श्रद्धालुओं का तांता भोजशाला पहुंचने लगा। मंदिर परिसर में अखंड पूजा-अर्चना और मां वाग्देवी की आरती का दौर चलता रहा। श्रद्धालु भजन मंडलियों के साथ भक्ति में लीन नजर आए और तैल चित्र के समक्ष पूजा-अर्चना की।हाईकोर्ट के फैसले के बाद प्रशासन ने परिसर स्थित कमाल मौला मस्जिद में शुक्रवार की नमाज की अनुमति नहीं दी। वर्षों से चली आ रही व्यवस्था के अनुसार मंगलवार को हिंदू समाज पूजा करता था, जबकि शुक्रवार को मुस्लिम समाज को नमाज की अनुमति रहती थी। लेकिन 15 मई को आए फैसले के बाद स्थिति पूरी तरह बदल गई है।इस दौरान भाजपा विधायक नीना वर्मा भी भोजशाला पहुंचीं। उन्होंने मां वाग्देवी के दर्शन-पूजन किए और आंदोलनकारी विमल गोधा से आशीर्वाद लिया। विधायक ने श्रद्धालुओं के साथ बैठकर भजन-कीर्तन में भी हिस्सा लिया।गौरतलब है कि एमपी हाईकोर्ट ने 15 मई को सुनाए फैसले में एएसआई सर्वे रिपोर्ट के आधार पर भोजशाला को मंदिर मानते हुए हिंदू पक्ष के अधिकार को स्वीकार किया था।
