मालवीय नगर में सड़क के बीचों-बीच चैम्बर के लिए खोदा गड्ढा बना हादसे का खतरा, बिना व्यवस्थित बैरिकेडिंग के गुजर रहे वाहन
इंदौर । रवि यादवबीआरटीएस रोड पर बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए शहर में लिंक मार्गों को विकसित किया जा रहा है। इसी कड़ी में एमआर-९ से एलआईजी लिंक रोड को जोड़ने वाली मालवीय नगर में ९०० मीटर लंबी ६० फीट चौड़ी सड़क का निर्माण करीब १० करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। सड़क निर्माण के लिए क्षेत्र में करीब १५० निर्माण हटाए गए हैं, लेकिन अब निर्माण एजेंसी की लापरवाही राहगीरों और वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बनती नजर आ रही है। सड़क की एक पट्टी का निर्माण पूरा हो चुका है और दूसरी पट्टी का काम शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, निर्माण कार्य के बीच सड़क के बीचों-बीच चैम्बर बनाने के लिए करीब १५ दिनों से गड्ढा खोदकर छोड़ दिया गया है।न बैरिकेडिंग, न पर्याप्त सुरक्षा इंतजामसबसे गंभीर बात यह है कि गड्ढे के आसपास व्यवस्थित और पर्याप्त बैरिकेडिंग नहीं की गई है। दिन के उजाले में भी यदि किसी वाहन चालक का ध्यान कुछ क्षण के लिए भटक जाए तो वह सीधे गड्ढे में जा सकता है। रात के समय स्थिति और अधिक खतरनाक हो जाती है। स्थानीय रहवासियों का कहना है कि निर्माण स्थल पर राहगीरों और वाहन चालकों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त चेतावनी संकेत और सुरक्षा इंतजाम किए जाना जरूरी है।रहवासियों के अनुसार, ठेकेदार को इस लापरवाही से अवगत भी कराया जा चुका है, लेकिन कई दिनों बाद भी स्थिति में कोई ठोस सुधार नहीं किया गया। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि इस खुले गड्ढे के कारण कोई दुर्घटना होती है और किसी की जान चली जाती है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी?निर्माण की धीमी रफ्तार भी बनी परेशानीसड़क निर्माण के साथ-साथ नर्मदा जल प्रदाय और सीवरेज लाइन डालने का काम भी चल रहा है। इसके कारण निर्माण कार्य की गति प्रभावित हुई है। अधिकारियों द्वारा कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। लेकिन दूसरी ओर, निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर रहवासियों में नाराजगी है।हादसे का इंतजार क्यों?रहवासियों और राहगीरों का कहना है कि सड़क निर्माण जरूरी है, लेकिन विकास कार्य के नाम पर लोगों की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता। १५ दिनों से सड़क के बीचों-बीच खुला पड़ा गड्ढा किसी बड़े हादसे का इंतजार करता नजर आ रहा है। जिम्मेदार विभाग को तत्काल मौके का निरीक्षण कर गड्ढे के चारों ओर मजबूत बैरिकेडिंग, रिफ्लेक्टर और चेतावनी संकेत लगाने के साथ निर्माण कार्य को सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ाना चाहिए।
