इंदौर। ऑक्शन में सस्ते प्लॉट दिलाने का झांसा देकर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का विजयनगर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से फर्जी शासकीय सील, कूटरचित दस्तावेज, फर्जी रजिस्ट्री और अलॉटमेंट लेटर सहित करीब 10.25 लाख रुपये के डीडी, कंप्यूटर-सीपीयू, सर्वर, मोबाइल फोन और अन्य तकनीकी उपकरण जब्त किए हैं।पुलिस के अनुसार आरोपी लोगों को ऑक्शन में कम कीमत पर प्लॉट दिलाने का लालच देते थे। इसके बाद सरकारी विभागों की फर्जी सील, कूटरचित दस्तावेज, जमीन की रजिस्ट्री और अलॉटमेंट लेटर तैयार कर लोगों को भरोसे में लेते थे। कार्रवाई के दौरान पुलिस को एसडीएम, पंजीयक और उप-पंजीयक सहित विभिन्न शासकीय कार्यालयों की कुल 9 फर्जी सील, बॉन्ड पेपर, संदिग्ध रजिस्ट्रियों की प्रतियां और अन्य कूटरचित दस्तावेज मिले हैं।मामले में मोहर सिंह उर्फ धर्मेन्द्र, संतोष और आदित्य को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगा रही है कि उन्होंने अब तक कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया और जमीन दिलाने के नाम पर कितनी रकम वसूली। आरोपियों के बैंक खातों, लेन-देन, सीडीआर और डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। पुलिस को इस फर्जीवाड़े में अन्य लोगों के शामिल होने की भी आशंका है, जिनकी तलाश जारी है।इंदौर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि सस्ते प्लॉट या ऑक्शन की जमीन के नाम पर बिना दस्तावेजों का स्वतंत्र सत्यापन किए किसी को भी राशि न दें। जमीन खरीदने से पहले स्वामित्व, रजिस्ट्री, खसरा रिकॉर्ड और अलॉटमेंट सहित संबंधित दस्तावेजों की सक्षम शासकीय विभाग से जांच जरूर कराएं। यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त इंदौर संतोष कुमार सिंह, पुलिस उपायुक्त जोन-02 अमन सिंह राठौर, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त अमरेन्द्र सिंह एवं सहायक पुलिस आयुक्त विजयनगर पराग सैनी के निर्देशन में थाना प्रभारी विजयनगर चन्द्रकांत पटेल के नेतृत्व में की गई।
