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महू। शहर के काली माता मंदिर के पीछे कथित रूप से चल रहे अवैध गर्भपात के खेल का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। स्थानीय लोगों की सतर्कता के चलते एक संदिग्ध मामले का पर्दाफाश हुआ, जिसके बाद पुलिस और प्रशासन हरकत में आ गया।घटना स्थल पर उपस्थित पत्रकार दिनेश सोलंकी, राधे कौशल और टोनी शर्मा के अनुसार एक बलेनो कार में दो व्यक्ति एक नाबालिग लड़की को लेकर पहुंचे और उसे पीछे स्थित एक मकान में ले जाया गया। यह मकान अमीषा नामक कथित डॉक्टर का बताया जा रहा है, जिसके बारे में क्षेत्र में लंबे समय से अवैध रूप से गर्भपात कराने की चर्चाएं थीं।करीब आधे घंटे बाद जब कार सवार लोग लड़की को लेकर बाहर निकले तो स्थानीय लोगों ने उनसे पूछताछ की। कार चालक ने बताया कि वे इंदौर से आए हैं और लड़की को टिटनेस का इंजेक्शन लगवाने लाए थे। जब उनसे अंदर जाकर स्थान दिखाने को कहा गया तो वे कार को तेज रफ्तार से भगाकर मौके से फरार हो गए। बताया जा रहा है कि वाहन पर “पुलिस” भी लिखा हुआ था, जिससे संदेह और गहरा गया।मामले की सूचना अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रूपेश द्विवेदी को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। जांच के दौरान कथित क्लिनिक में दो बेड, सलाइन की बोतलें और बड़ी मात्रा में ऐसी दवाइयां मिलीं, जिनका उपयोग गर्भपात में किया जाता है। दवाइयों को जब्त कर लिया गया है। डॉक्टर योगेश सिंगारे भी मौके पर पहुंचे और प्रारंभिक जांच की।सूत्रों के अनुसार मौके से मिले मोबाइल फोन में फरार व्यक्ति का नाम “डॉ. दीपक खन्ना” सामने आया है। पुलिस अब फरार आरोपियों की तलाश में जुट गई है। एसडीएम भी मौके पर पहुंचकर मामले की जांच में शामिल हुए।पुलिस का कहना है कि यदि नाबालिग के साथ अवैध गर्भपात की पुष्टि होती है तो संबंधित आरोपियों के खिलाफ कड़ी धाराओं में प्रकरण दर्ज किया जाएगा। फिलहाल पूरे मामले की गंभीरता से जांच जारी है।
