
इंदौर में प्रॉपर्टी टैक्स को लेकर विरोध तेज हो गया है। मंगलवार को कांग्रेस नेताओं ने नगर निगम आयुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन कर खुले स्थान पर लगाए जा रहे संपत्ति कर का विरोध किया। नेताओं ने ज्ञापन सौंपते हुए इस फैसले को तत्काल वापस लेने की मांग की।प्रदर्शन का नेतृत्व नेता प्रतिपक्ष और शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने किया। कांग्रेस ने इसे आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बताते हुए कहा कि मकानों के खुले हिस्से पर टैक्स लगाना पूरी तरह अनुचित है। पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि टैक्स की वसूली नहीं रोकी गई तो शहरभर में आंदोलन किया जाएगा।चौकसे ने कहा कि यदि निगम अधिकारी वसूली के लिए क्षेत्रों में जाएंगे, तो कांग्रेस कार्यकर्ता मौके पर पहुंचकर शांतिपूर्ण विरोध करेंगे। कांग्रेस के अनुसार इस फैसले से शहर के करीब 8 लाख संपत्ति मालिक प्रभावित होंगे और छोटे प्लॉट मालिकों पर हर साल 800 से 3 हजार रुपए तक का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।वहीं, निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने ज्ञापन लेने के बाद कहा कि मामले की समीक्षा की जाएगी। दूसरी ओर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय नगर निगम का नहीं, बल्कि राज्य सरकार का है, जिसे लागू किया जा रहा है।
