खबर सत्याग्रह | इंदौरइंदौर भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के नगर अध्यक्ष पद की रेस अब पूरी तरह से गुटीय शह-मात के खेल में बदल चुकी है। गलियारों में चर्चा है कि मुकाबला उम्मीदवारों की परफॉर्मेंस का नहीं, बल्कि बड़े आकाओं के वीटो पावर का है।1. अक्षंशु तिवारी (सिर्फ भाईसाहब का सहारा?):संघ और भाईसाहब की पसंद के रूप में अक्षंशु तिवारी का नाम चल रहा है। चर्चा है कि अक्षंशु फिलहाल युवा मोर्चा में IT सेल के प्रभारी हैं, लेकिन इस पद पर रहते हुए उनका कोई खास ट्रैक रिकॉर्ड या बड़ा काम नहीं रहा है। इसके साथ ही उनके पिता का कांग्रेसी बैकग्राउंड होने के कारण संगठन के अंदर ही उनका विरोध शुरू हो गया है। इसके बावजूद, भाईसाहब का आशीर्वाद उनके लिए सबसे बड़ा सहारा बना हुआ है।2. सार्थक जैन (परिषद का कोटा और महामंत्री का सपोर्ट):दूसरी तरफ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के पूर्व कार्यकर्ता सार्थक जैन का नाम है। सार्थक को परिषद के कोटे के साथ-साथ संगठन के ‘महामंत्री जी’ का सबसे खास और मजबूत समर्थन हासिल है। इस पावर बैकअप के दम पर सार्थक का गुट अक्षंशु के कांग्रेसी बैकग्राउंड और ठंडे रिपोर्ट कार्ड को भुनाने में लगा है।प्रदेश अध्यक्ष श्याम टेलर के सामने ‘अग्निपरीक्षा’:अब पूरा दारोमदार भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष श्याम टेलर पर है। क्या वे ‘ठंडे’ IT सेल रिकॉर्ड और ‘कांग्रेसी कनेक्शन’ के विरोध को दरकिनार कर संघ और भाईसाहब की पसंद अक्षंशु के नाम पर मुहर लगाएंगे? या फिर महामंत्री की पसंद और परिषद के कोटे से आने वाले सार्थक जैन को कमान सौंपेंगे?राजनीतिक पंडितों का मानना है कि अगर दोनों गुटों की यह तनातनी और ज्यादा खींचती है, तो हमेशा की तरह इन दोनों नामों को दरकिनार कर लिफाफे से कोई ‘तीसरा’ ही नाम सामने आ सकता है!
